कपूरथला , 15 जून:
ट्रिब्यून टाइम्स न्यूज :
आम आदमी पार्टी के हल्का संगठन इंचार्ज हेनत कुमार ने आज की आधुनिक जीवनशैली में इंसानी रिश्तों के बिखरने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए समाज को एक भावुक और विचारणीय संदेश दिया है।उन्होंने कहा कि आज के दौर में रिश्ते किसी बड़े विवाद के कारण नहीं, बल्कि आपसी अहंकार,गलतफहमियों और लंबे समय की चुप्पी की वजह से टूट रहे हैं।रिश्तों को जीवंत रखने के लिए संवाद बनाए रखना बेहद जरूरी है,क्योंकि जब दो लोग बात करना बंद कर देते हैं,तो उनके बीच का मौन दूरियों को बढ़ा देता है।महीनों की खामोशी से पैदा हुई दूरियों को एक छोटा सा प्यार भरा संदेश या कुछ मिनटों की सकारात्मक बातचीत चुटकियों में खत्म कर सकती है।अहंकार को रिश्तों का सबसे बड़ा दुश्मन बताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि रिश्ते बचाने के लिए पहले पहल करना कमजोरी नहीं,बल्कि परिपक्वता और संवेदनशीलता की निशानी है।हर समय खुद को सही साबित करने की जिद रिश्तों की मिठास को खत्म कर देती है।एक मजबूत रिश्ते की बुनियाद आपसी विश्वास,सम्मान और बिना शर्त प्रेम पर टिकी होती है।अच्छे समय में तो हर कोई साथ खड़ा रहता है,लेकिन कठिन परिस्थितियों में ढाल बनकर साथ निभाना ही सच्चे रिश्तों की असल परीक्षा है।रिश्तों को महत्व देने वाले लोग छोटी-मोटी बातों को प्रतिष्ठा का सवाल नहीं बनाते।अंत में उन्होंने युवा पीढ़ी और परिवारों से अपनों के लिए समय निकालने की अपील की।यदि हम अपने सामाजिक ढांचे को मजबूत रखना चाहते हैं,तो हमें पुराने गिले-शिकवे भुलाकर प्रेम, सहनशीलता और क्षमा का मार्ग अपनाना होगा।उन्होंने कहा कि अहंकार को पीछे छोड़ें बातचीत की शुरुआत करने के लिए पहल करना कमजोरी नहीं,बल्कि रिश्ते के प्रति आपकी गंभीरता को दिखाता है।कौन सही है की बजाय क्या सही है पर ध्यान दें।सक्रिय होकर सुनें।जब आपका साथी अपनी बात रखे,तो उसे सिर्फ जवाब देने के लिए न सुनें,बल्कि समझने का प्रयास करें।अपनी बात रखते समय तुम हमेशा ऐसा करते हो कहने के बजाय मुझे ऐसा महसूस होता है का प्रयोग करें।इससे साथी बचाव की मुद्रा में नहीं आएगा।गुस्से या जल्दबाजी में बातचीत करने से बचें।जब दोनों शांत हों,तब बैठकर किसी मुद्दे पर चर्चा करें।अगर चुप्पी बहुत लंबी हो गई है,तो एक छोटे से संदेश या सामान्य बातचीत(जैसे क्या हम कॉफ़ी पीते हुए बात करें)से पहल करें।









