डीएसजीएमसी की नीयत पर लगी मुहर: हरमीत सिंह कालका
नई दिल्ली 7 जुलाई,2026
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु हरकृष्ण पब्लिक स्कूलों के कार्यरत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित वेतन, ग्रेच्युटी तथा अन्य बकाया देयों के निपटारे के लिए डीएसजीएमसी द्वारा तैयार किए गए एमओयू (MoU) को अदालत ने स्वीकार कर लिया है। अदालत ने इस पर अपनी स्वीकृति देते हुए दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की नीयत और प्रतिबद्धता पर विश्वास व्यक्त किया है। इस अवसर पर डीएसजीएमसी के महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।
सरदार कालका ने बताया कि लगभग 92 से 93 प्रतिशत कर्मचारियों ने डीएसजीएमसी के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर कर कमेटी द्वारा तैयार किए गए भुगतान कार्यक्रम को स्वीकार किया है। इस कार्यक्रम के तहत वर्ष 2020, 2021 और 2022 सहित लंबे समय से लंबित बकाया राशि का भुगतान चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अदालत ने स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों ने एमओयू स्वीकार किया है, उन्हें डीएसजीएमसी द्वारा निर्धारित समय–सारिणी के अनुसार उनके सभी वैधानिक अधिकार और बकाया राशि हर हाल में प्रदान की जाएगी।
सरदार कालका ने कहा कि अदालत ने उन लोगों को भी कड़ी फटकार लगाई, जो बार–बार अदालत को गुमराह करने का प्रयास कर रहे थे तथा गुरु घर की संपत्तियों का मूल्यांकन कर उन्हें सुरक्षा (सिक्योरिटी) के रूप में रखने की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि गुरु घर की संपत्तियों को न तो बेचा जा सकता है और न ही उन्हें गिरवी रखा जा सकता है। अदालत ने यह भी कहा कि पहले से दाखिल शपथ–पत्र के अतिरिक्त किसी अन्य शपथ–पत्र की आवश्यकता नहीं है।
डीएसजीएमसी अध्यक्ष ने कहा कि इस फैसले से कमेटी को बड़ी राहत मिली है और अब स्कूलों के वित्तीय प्रबंधन, बजट तथा कर्मचारियों के बकाया भुगतान को लेकर पूरी स्पष्टता आ गई है। उन्होंने कहा कि भले ही कमेटी पर बड़ा वित्तीय भार आया है, लेकिन डीएसजीएमसी अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटेगी और प्रत्येक कर्मचारी को उसका पूरा अधिकार प्रदान करेगी।
सरदार कालका ने संगत से भी अपील की कि अब जबकि वित्तीय स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो चुकी है, गुरु हरकृष्ण पब्लिक स्कूलों के विकास, बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने तथा शिक्षा के स्तर को और ऊंचा उठाने के लिए दशवंध एवं आर्थिक सहयोग देने हेतु आगे आएं।
उन्होंने कहा कि डीएसजीएमसी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने, विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने तथा वित्तीय व्यवस्था को स्थिर बनाने के लिए शीघ्र ही व्यापक योजना पर कार्य शुरू करेगी, ताकि कर्मचारियों के सभी बकाया देयों का भुगतान निर्धारित समय के भीतर किया जा सके।
अंत में सरदार हरमीत सिंह कालका ने कार्यरत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके विश्वास और सहयोग से ही स्कूलों की वित्तीय व्यवस्था को पुनः पटरी पर लाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
फोटो कैप्शन:
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका तथा महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए।









