मानवीय रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण मामला थाना खेड़ी गंडिया के अधीन आने वाले गांव में सामने आया है। यहां एक पिता ने अपनी 15 साल की बेटी की हत्या कर दी। पिता ने अपने ससुराल और मृतका की मां को बिना सूचना दिए नाबालिग का अंतिम संस्कार कर दिया। मृतक लड़की की ने 10वीं कक्षा की परीक्षाएं दी थीं।पुलिस को दी गई शिकायत में मृतक की मां ने बताया कि उसका विवाह साल 2009 में हुआ था। पिछले 3 साल से पति–पत्नी के बीच चल रहे झगड़े के कारण दोनों अलग रह रहे थे। मां अपने बेटे के साथ अलग रह रही थी, जबकि 15 वर्षीय बेटी अपने पिता के साथ रह रही थी। पत्नी ने आरोप लगाया कि उसका पति उसे धमकाता था कि अगर वह वापस नहीं आई, तो वह बेटी को जान से मार देगा, साजिश के तहत हत्या और
मृतक की मां ने कहा बीते रोज 26 अप्रैल को उसे सूचना मिली कि उसके ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर 15 साल की बेटी की चुन्नी से फंदा लगाकर हत्या कर दी। हद तो तब हो गई जब आरोपियों ने पुलिस या मायके पक्ष को सूचित किए बिना ही शव को श्मशान घाट ले जाकर अग्नि के हवाले कर दिया। हालांकि, पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर किसी ने सूचना दी, लेकिन जब तक पुलिस पार्टी मौके पर पहुंचती तब तक नाबालिग की देह पूरी तरह जल चुकी थी। पीड़ित मां ने प्रशासन के सामने बड़े सवाल खड़े किए हैं। उसने आरोप लगाया कि उसकी बेटी के साथ हत्या से पहले कोई गलत हरकत की गई हो सकती है, जिसे छिपाने के लिए आरोपियों ने इतनी जल्दबाजी में अंतिम संस्कार किया। मां ने कहा, मेरी बेटी पढ़ाई में बहुत होशियार थी, उसका क्या कसूर था? मैं तब तक शांत नहीं बैठूंगी जब तक इस कलयुगी पिता को सख्त सजा नहीं मिल जाती।“घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीमें श्मशान घाट पहुंचीं, जहां उन्होंने मृतक चिता से जरूरी सैंपल एकत्रित किए। इस मौके पर मृतक की मां और अन्य परिवार के सदस्य भी मौजूद थे। मौके पर फोरेंसिक टीम के साथ सबूत जुटाने के लिए श्मशानघाट पहुंचे थाना खेड़ी गंडीया प्रभारी जरनैल सिंह भुलर ने बताया कि मामले की बारीकी से जांच की जा रही है और फॉरेंसिक रिपोर्ट व शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।













