जिला पटियाला के शंभू–अंबाला रेलवे मार्ग पर सोमवार देर रात एक जोरदार धमाका होने से दहशत फैल गई। धमाके के कारण शंभू के पास रेल की पटरी क्षतिग्रस्त हो गई है। यह घटना रात करीब 10 बजे की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, धमाके में किसी अन्य के जानी नुकसान की सूचना तो नहीं है, लेकिन रेल पटरी को नुकसान पहुंचने के कारण फिलहाल इस मार्ग पर रेलगाड़ियों का आवागमन रोक दिया गया है। धमाके की सूचना मिलते ही पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा, घनौर के डीएसपी दलजीत विरक और एसएचओ गुरमुख सिंह विरक भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। रात 11 बजे तक पुलिस की टीमें घटनास्थल पर बारीकी से जांच कर रही थीं। सुरक्षा की दृष्टि से रेलवे विभाग ने इस रूट की सभी ट्रेनों को एहतियातन नजदीकी स्टेशनों पर रोक दिया है।जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल के पास एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला है, जिसके धमाके के कारण चीथड़े उड़ चुके थे। पुलिस इस एंगल से जांच कर रही है कि क्या यह व्यक्ति धमाका करने की कोशिश कर रहा था या यह किसी साजिश का शिकार हुआ है। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से रेलवे स्टेशनों को मिल रही धमकियों के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां पहले ही हाई अलर्ट पर थीं। फॉरेंसिक विशेषज्ञ साक्ष्य जुटाने में लगे हैं ताकि धमाके की प्रकृति का पता लगाया जा सके।रेलवे ट्रैक पर तोड़फोड़ या धमाके की यह कोई पहली घटना नहीं है।
रात 11 बजे तक पुलिस और फॉरेंसिक टीमें घटनास्थल पर मौजूद थीं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमाके की प्रकृति की जांच की जा रही है और उसके बाद ही स्पष्ट कहा जा सकेगा कि यह आतंकी साजिश थी या कुछ और। फिलहाल ट्रैक की मरम्मत का काम शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
शंभू की इस ताजा घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि घटनास्थल से शव का मिलना किसी आत्मघाती कोशिश या बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है। फिलहाल रेलवे अधिकारियों की टीम ट्रैक की मरम्मत और जांच में जुटी है ताकि जल्द से जल्द रेल सेवा बहाल की जा सके।
इस क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों के लिए पटरियों की सुरक्षा हमेशा से बड़ी चुनौती रही है:
सरहिंद ब्लास्ट (2026): इसी वर्ष 23 जनवरी को सरहिंद के खानपुर में ब्लास्ट हुआ था, जिसमें मालगाड़ी का इंजन पटरी से उतर गया था।
खन्ना रेल हादसा (1998) : पंजाब के खन्ना में पटरी टूटने के कारण भीषण रेल दुर्घटना हुई थी, जिसमें 212 लोगों की जान गई थी।
लगातार धमकियां: पिछले दो वर्षों में उत्तर रेलवे को कई बार आतंकी संगठनों और शरारती तत्वों द्वारा पटरियां उड़ाने की धमकियां दी जा चुकी हैं।













