सुनहरे भविष्य और रोजगार की तलाश में पंजाब के युवा धोखेबाज ट्रैवल एजेंटों के झांसे में आकर विदेश चले जाते हैं, लेकिन वहां उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। यहां तक कि यातनाएं झेलनी पड़ती हैं। ऐसा ही कुछ हुआ है पंजाब के तीन युवकों के साथ। जालंधर, मोहाली और तरनतारन के तीन युवक रूस में फंस गए थे, लेकिन अब वे सुरक्षित अपने वतन व घर लौट आए हैं। तीनों युवकों की सुरक्षित वापसी राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल के प्रयासों से हो पाई है।
जालंधर के नकोदर निवासी अशोक कुमार ने सुल्तानपुर लोधी स्थित निर्मल कुटिया पहुंचकर राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल का धन्यवाद किया। अशोक ने कहा कि वह सुरक्षित अपने परिवार के पास लौट आया है। अशोक को रूस की जेल में डाल दिया गया था। जेल बिताए गए 22 दिन उसके लिए 22 सदियों जैसे थे। ऐसा लगता था कि उसे बचाने के लिए कोई नहीं आएगा। जेल में बहुत कम मात्रा में खाना दिया जाता था, जिससे सिर्फ जीवित रहा जा सके। कई बार कैदियों को करंट भी लगाया जाता था। जेल में दिया जाने वाला खाना खाने के आधे घंटे बाद गहरी नींद आ जाती थी, जिससे जागना मुश्किल होता था। आज भी उसके शरीर में उस प्रभाव का असर महसूस होता है, मानो कोई दवा दी गई हो।
अशोक ने कहा कि ट्रैवल एजेंट द्वारा ठगे जाने के कारण वह आर्थिक और मानसिक रूप से टूट चुका है। 19 जनवरी को 3 लाख रुपये खर्च कर मॉस्को गया था। एजेंट ने उसे 90 हजार से 1 लाख रुपये मासिक वेतन, रहने-खाने की सुविधा और एक साल की नौकरी की गारंटी का भरोसा दिया था, लेकिन वहां पहुंचने पर सब कुछ झूठ निकला।
दो महीने तक काम करने के बाद जब 20 मार्च को वेतन मिलना था, तो 13 मार्च की रात ही कंपनी मालिक ने उसे और उसके साथियों को पुलिस के हवाले कर दिया। जेल में उसे 7 दिन तक भूखे रहे और पानी पीकर गुजारा किया। अशोक ने दावा कि वहां की एक बड़ी जेल में अभी भी करीब 100 भारतीय फंसे हुए हैं, जिनमें से कई इसी तरह कंपनियों के झांसे का शिकार हुए हैं।
राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने पंजाब के युवाओं से अपील की है कि वे फर्जी ट्रैवल एजेंटों के झांसे में न आएं और विदेश जाने के लिए केवल अधिकृत और पंजीकृत एजेंटों का ही सहारा लें। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ मामलों में एजेंट युवाओं को विदेश में बंधक बनाकर उनकी आपत्तिजनक वीडियो बनाकर परिवार से पैसे वसूलते हैं। विदेश जाना गलत नहीं है, लेकिन सही और कानूनी तरीके से जाना बेहद जरूरी है।












