सरकारों और जनता को बदलती हुई स्थिति के प्रति गंभीरता दिखाने की आवश्यकता है–आनंद/जस्सल/मेहरा
ट्रिब्यून टाइम्स न्यूज :
कपूरथला
वैश्विक स्तर पर उत्पन्न युद्ध जैसी स्थिति के मद्देनजर देश में पेट्रोल/डीजल की कमी का हवाला देते हुए बड़ी संख्या में लोग अपने वाहनों में पेट्रोल और डीजल भरवा रहे है।इसके चलते कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म हो गया और कई स्थानों पर लंबी कतारें लग रही है।इसी तरह लोग अन्य आवश्यक वस्तुओं का भी स्टॉक कर रहे हैं। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद उत्पन्न खाना पकाने की गैस की कमी के कारण लोग गैस संकट का सामना कर रहे हैं।वाणिज्यिक गैस संकट के कारण कई वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ गई हैं।ऐसे में लोग अब अधिक पेट्रोल और डीजल खरीद रहे हैं।इसके चलते पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं।आज बजरंग दल ने देश स्तर पर उत्पन्न मौजूदा सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की।बजरंग दल के जिला अध्यक्ष आनंद यादव, जिला उपाध्यक्ष गुलशन महरा और नगर अध्यक्ष मोहित जस्सल ने मीडिया से बात करते हुए केंद्र और पंजाब सरकारों से जनहित में कड़े कदम उठाने की संयुक्त अपील की।नेताओं ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर नए लॉकडाउन की अफवाहों के कारण आम जनता में भारी भय और दहशत का माहौल है।इस स्थिति का अनुचित लाभ उठाते हुए कुछ मुनाफाखोर बाजार में जमाखोरी और कालाबाजारी कर रहे हैं।तेल और खाना पकाने की गैस की कमी का डर दिखाकर वस्तुओं की कीमतें बढ़ाई जा रही हैं। उन्होंने सरकार से ऐसी अफवाहों पर तत्काल रोक लगाने और आवश्यक वस्तुओं की निगरानी के लिए विशेष टीमें गठित करने की अपील की।बजरंग दल के नेताओं ने केंद्र सरकार से खाना पकाने की गैस की कीमतों में भारी वृद्धि की निंदा करते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोग पिछले लॉकडाउन के आर्थिक प्रभाव से अभी उबर भी नहीं पाए हैं,ऐसे में महंगाई का यह अतिरिक्त खेल जनता की कमर तोड़ देगा।नेताओं ने वैश्विक स्तर पर अमेरिका,इजरायल और ईरान के बीच तनावपूर्ण स्थिति का हवाला देते हुए जनता को आगाह किया और अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के लिए हम सभी को जिम्मेदार बनते जमाखोरी से बचना और पेट्रोल,डीजल और घरेलू गैस के उपयोग में संयम बरतना जरूरी है।नेताओं ने कहा कि जिला प्रशासन और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को मुनाफाखोरी(जमाखोरी/कालाबाजारी)के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए तुरंत छापेमारी करनी चाहिए।दोषियों के खिलाफ जमाखोरी अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए और जुर्माना लगाया जाना चाहिए।खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग(एफएसएसएआई)जैसे संगठन मिलावट की जांच के लिए मानक निर्धारित करते हैं।आम जनता को भी अधिक कीमत वसूलने वालों के खिलाफ खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के जिला नियंत्रक से शिकायत करनी चाहिए।












