बरनाला जिले के गांव फरवाही में रविवार तड़के दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ, जब एक मकान को जैक की मदद से ऊपर उठाने का काम चल रहा था। ताश के पत्तों की तरह मकान अचानक ढह गया। यहां काम कर रहे तीन मजदूर मलबे में दब गए और उनकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी विशाल के मकान को पिछले कुछ दिनों से मरम्मत के तहत जैक से उठाया जा रहा था। रविवार सुबह करीब 4:15 बजे अचानक मकान गिर गया, जिससे अंदर सो रहे मजदूर मलबे में दब गए। हादसे की आवाज दूर तक सुनाई दी, जिसके बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। गुरुद्वारा साहिब से तुरंत अनाउंसमेंट कर लोगों को मदद के लिए बुलाया गया और प्रशासन को सूचना दी गई। घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से राहत कार्य शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकालकर एंबुलेंस के जरिए सिविल अस्पताल बरनाला पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।गांव के सरपंच ने बताया कि शुरुआती सूचना में चार मजदूरों के दबे होने की आशंका थी, लेकिन बाद में स्पष्ट हुआ कि चौथा मजदूर रात करीब 10 बजे ही सुरक्षित घर चला गया था। इसके बावजूद एहतियात के तौर पर ग्रामीण मलबा हटाकर पूरी तरह जांच कर रहे हैं।इस संबंध में डीएसपी सतवीर सिंह ने बताया कि मकान की मरम्मत का काम मोगा निवासी ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा था। मकान की दीवारों में सीवर का पानी घुसने के कारण वह एक ओर झुक गया था। हादसे के समय मोगा निवासी तीन युवक बॉबी सिंह, प्रिंस और गुरजीत सिंह अंदर सो रहे थे, जो मलबे में दब गए और उनकी मौत हो गई।बरनाला के विधायक कुलदीप सिंह ने प्रशासन से मांग की है कि मृतक मजदूरों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए और प्रभावित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सिविल प्रशासन की ओर से मौके पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाया और ग्रामीण अपने स्तर पर ही राहत कार्य में जुटे रहे।












