-कसोल के जे नाला में डूबने से दर्दनाक मौत
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के कसोल में एक जलधारा में डूब जाने से पंजाब के एक पर्यटक की मौत हो गई। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।पुलिस ने बताया कि पंजाब के कपूरथला का रहने वाला अंशतेज (21) अपने दोस्तों के साथ पार्वती घाटी घूमने कुल्लू आया था। उन्होंने बताया कि जैनला इलाके में मंगलवार को एक स्थानीय जलधारा में नहाते समय वह तेज बहाव की वजह से गहरे पानी में चला गया।उन्होंने बताया कि उसके दोस्तों की मदद के लिए गुहार लगायी, जिसके बाद आस–पास के लोग वहां पहुंचे और उसे बाहर निकालकर अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दोस्तों के साथ घूमने आया था हिमाचल
जानकारी के अनुसार पंजाब के कपूरथला जिले का रहने वाला 21 वर्षीय अंशतेज अपने दोस्तों के साथ कुल्लू जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों कसोल और मणिकर्ण घूमने आया हुआ था। यात्रा के दौरान सभी युवक पार्वती घाटी के जैनाला क्षेत्र में पहुंचे। बताया जा रहा है कि गर्म मौसम के बीच कुछ युवक नाले में नहाने के लिए उतर गए। इसी दौरान अंशतेज गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आ गया। देखते ही देखते वह पानी में डूबने लगा और उसके साथी उसे बचाने में असफल रहे।
मदद के लिए दौड़े साथी, लेकिन नहीं बच सकी जान
घटना के बाद युवक के दोस्तों ने आसपास मदद की तलाश की और पास स्थित एक बिजली परियोजना के पावर हाउस तक पहुंचे। वहां मौजूद कर्मचारी मौके पर पहुंचा और काफी प्रयासों के बाद युवक को पानी से बाहर निकाला गया। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और युवक को उपचार के लिए जरी अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़
हादसे की सूचना मिलते ही मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। युवक के परिजन पंजाब से कुल्लू पहुंचे, जहां कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया। बाद में युवक का शव परिजनों को सौंप दिया गया। 21 वर्षीय बेटे की असमय मौत से परिवार में शोक का माहौल है।
बार-बार चेतावनी के बावजूद नहीं मान रहे पर्यटक
हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान नदियों, खड्डों और नालों का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है। प्रशासन लगातार पर्यटकों को नदी–नालों से दूर रहने और जोखिम न लेने की सलाह देता है, लेकिन इसके बावजूद कई लोग सेल्फी लेने, वीडियो बनाने या नहाने के लिए पानी में उतर जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों की नदियां और नाले बाहर से शांत दिखाई देते हैं, लेकिन इनमें गहराई और बहाव का अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल होता है। यही लापरवाही कई बार जानलेवा साबित हो जाती है।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर यह डूबने का मामला प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस और प्रशासन ने एक बार फिर पर्यटकों से अपील की है कि वे नदी–नालों और जल स्रोतों के पास विशेष सावधानी बरतें तथा चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
पर्यटन के साथ जरूरी है सतर्कता
कुल्लू–मनाली और पार्वती घाटी हर साल लाखों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है, लेकिन प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेते समय सुरक्षा नियमों की अनदेखी भारी पड़ सकती है। जैनाला में हुआ यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि कुछ पल की लापरवाही किसी परिवार की जिंदगीभर की पीड़ा बन सकती है।









