नई दिल्ली, 26 जून, 2026:
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका ने आज स्पष्ट किया कि सचखंड तख्त श्री हज़ूर साहिब के बोर्ड से जुड़े विवाद के मद्देनज़र तख्त साहिब द्वारा पारित गुरमते पर दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पूरी दृढ़ता के साथ पहरा देगी।
उन्होंने कहा कि सिख गुरु धामों और उनके प्रबंधन में किसी भी सरकार या बाहरी संस्था का हस्तक्षेप सिख समुदाय को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं है। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रस्तावित संशोधन विधेयक पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सिख संगठनों से बिना विचार–विमर्श किए ऐसा कदम उठाने से सिख समाज में भारी रोष उत्पन्न हुआ है।
सरदार कालका ने बताया कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस को ज्ञापन भेजकर मुलाकात का समय मांगा है, ताकि इस मामले में स्पष्टता प्राप्त की जा सके और उन्हें सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं से अवगत कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि यदि किसी कानूनी संशोधन की वास्तव में आवश्यकता है, तो उससे पहले शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, सचखंड तख्त श्री हज़ूर साहिब के प्रबंधकों, तख्त साहिब के जत्थेदारों तथा अन्य प्रमुख सिख संगठनों के साथ बैठकर विस्तृत विचार–विमर्श किया जाना चाहिए, ताकि सिख समुदाय में किसी प्रकार की नाराज़गी या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।
सरदार हरमीत सिंह कालका ने कहा कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी हमेशा की तरह सिख पंथ के अधिकारों तथा गुरु घरों की मर्यादा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि गुरु साहिब की कृपा से तख्त साहिब द्वारा लिए गए निर्णय की पूरी मजबूती से रक्षा की जाएगी तथा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसा कोई भी विधेयक पारित न हो, जिससे सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचे या पंथ के भीतर अनावश्यक रोष पैदा हो।









