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TMC में घमासान: काकोली गुट का दावा- सांसदों की संख्या 22 पहुंची

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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया है कि लोकसभा में उनके नेतृत्व वाले बागी गुट की संख्या बढ़कर 22 सांसदों तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि दो और सांसद जल्द ही इस गुट में शामिल होने वाले हैं। बागी सांसद सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर अलग संसदीय गुट के रूप में मान्यता की मांग करेंगे। नई दिल्ली रवाना होने से पहले कोलकाता एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में काकोली घोष दस्तीदार ने कहा, हमारी संख्या अब 22 हो गई है। स्पीकर ने हमें समय दिया है। सोमवार को हम उनसे मिलकर अलग संसदीय गुट के तौर पर मान्यता की मांग करेंगे। हालांकि उन्होंने उन दो अतिरिक्त सांसदों के नामों का खुलासा नहीं किया, लेकिन कहा कि उनके औपचारिक रूप से गुट में शामिल होने के बाद ही नाम सार्वजनिक किए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर असहमति रखने वाले कई सांसद उनके संपर्क में हैं। बागी गुट के सूत्रों के अनुसार, सांसदों की प्रस्तावित बैठक, जो पहले कोलकाता में होनी थी, अब दिल्ली में आयोजित की जाएगी। सूत्रों ने बताया कि भाजपा नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के भी बैठक में शामिल होने की संभावना थी, लेकिन दीघाशंकरपुर विकास प्राधिकरण से जुड़े आधिकारिक कार्यक्रमों के कारण उनके दिल्ली पहुंचने की संभावना कम है। शुक्रवार को 19 टीएमसी सांसदों के हस्ताक्षर वाला एक दस्तावेज सामने आया था, जिसमें लोकसभा अध्यक्ष से काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में अलग संसदीय गुट को मान्यता देने की मांग की गई थी। दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने वालों में शताब्दी रॉय, बापी हलदर, शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी, जगदीश चंद्र बर्मन बसुनिया, असित मल, अरूप चक्रवर्ती, कालीपदा सोरेन, दीपक अधिकारी (देव), जून मालिया, पार्थ भौमिक, खलीकुर रहमान, अबू ताहिर खान, यूसुफ पठान, मिताली बाग और माला रॉय समेत अन्य सांसद शामिल बताए गए हैं।दस्तावेज पर रचना बनर्जी और सयानी घोष के अलगअलग हस्ताक्षर भी मौजूद थे। हालांकि लोकसभा अध्यक्ष के सचिवालय की ओर से पत्र प्राप्त होने या उस पर किसी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।  वहीं बागी गुट पहले ही संकेत दे चुका है कि वह केंद्र की भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार का समर्थन करना चाहता है। जिन टीएमसी सांसदों के हस्ताक्षर कथित दस्तावेज पर नहीं थे, उनमें अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी, सौगत रॉय, महुआ मोइत्रा, कीर्ति आजाद, शत्रुघ्न सिन्हा, प्रतिमा मंडल और सजदा अहमद के नाम शामिल हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद टीएमसी के भीतर उभरे इस असंतोष ने पार्टी नेतृत्व के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। अब सभी की निगाहें सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष के साथ होने वाली बैठक और उसके बाद होने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हैं।

 

 

 

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