कपूरथला, 5 जुलाई। रेल कोच फैक्ट्री (आरसीएफ) के शहीद भगत सिंह संस्थान में कल एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें आरसीएफ इंजीनियरिंग एसोसिएशन एवं आईआरटीएसए (इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन) के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने आगामी साहिबजादा अजीत सिंह संस्थान (वर्कर क्लब) के चुनाव में आरसीएफ इंप्लाइज यूनियन के पूरे पैनल को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की।
बैठक को संबोधित करते हुए आईआरटीएसए के प्रधान इंजीनियर श्री दर्शन लाल ने कहा कि रेल कोच फैक्ट्री को निजीकरण एवं निगमीकरण से बचाने के लिए विभिन्न संगठनों द्वारा आरसीएफ बचाओ संघर्ष कमेटी का गठन किया गया था। उस समय सभी संगठनों के बीच यह सहमति बनी थी कि आरसीएफ की मान्यता प्राप्त यूनियन के चुनाव को छोड़कर वर्कर क्लब, थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट सोसायटी तथा गैस समिति जैसे अन्य चुनावों में कोई भी यूनियन या संगठन सीधे तौर पर चुनाव मैदान में नहीं उतरेगा। उन्होंने कहा कि चुनावों के दौरान एक-दूसरे के विरुद्ध दिए जाने वाले बयान कर्मचारियों की एकता एवं अखंडता को कमजोर करते हैं, जबकि बाद में आरसीएफ पर होने वाले किसी भी सरकारी हमले के विरुद्ध सभी संगठनों को एकजुट होकर संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते को तोड़ते हुए आरसीएफ मजदूर यूनियन एवं मेंस यूनियन चुनाव मैदान में उतरी हैं, जिसका आईआरटीएसए विरोध करता है। उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे ऐसे संगठनों के बहकावे में न आएं तथा अपने मत का प्रयोग आरसीएफ इंप्लाइज यूनियन के पूरे पैनल के पक्ष में करें। उन्होंने कहा कि आरसीएफ इंप्लाइज यूनियन हमेशा अपने वादों पर कायम रही है तथा कर्मचारियों और आरसीएफ के हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रही है।
आईआरटीएसए के जोनल सचिव इंजी.श्री जगतार सिंह ने कहा कि आरसीएफ इंप्लाइज यूनियन ग्रुप ‘सी’ एवं ‘डी’ कर्मचारियों की एकता एवं अखंडता को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहती है। उन्होंने कहा कि यह यूनियन इंजीनियरों, मंत्रालयिक (मिनिस्ट्रियल) स्टाफ, अस्पताल कर्मचारियों तथा सभी श्रेणी के कर्मचारियों के कल्याण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रही है। उन्होंने सभी साथियों से अपील की कि वे आरसीएफ इंप्लाइज यूनियन के पूरे पैनल को अपना समर्थन एवं वोट दें।
आरसीएफ इंजी. एसोसिएशन के प्रधान इंजी.श्री जगदीश सिंह तथा जोनल सचिव श्री बक्शीश सिंह ने भी अपने संबोधन में कहा कि आरसीएफ इंप्लाइज यूनियन हमेशा अपने वादों पर अडिग रही है तथा कर्मचारियों और इंजीनियरों के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती आई है। उन्होंने भी सभी से अपील की कि वे अधिक से अधिक मत देकर आरसीएफ इंप्लाइज यूनियन के पूरे पैनल को विजयी बनाएं।
बैठक के अंत में आरसीएफ इंप्लाइज यूनियन के प्रधान श्री अमरीक सिंह ने कहा कि आरसीएफ इंप्लाइज यूनियन ही वह संगठन है जिसने वर्ष 2012 में आरसीएफ से पुरानी पेंशन बहाली की लड़ाई शुरू की थी। उन्होंने कहा कि आज यह आंदोलन पूरे भारतीय रेलवे ही नहीं बल्कि देश के विभिन्न राज्यों तक पहुंच चुका है और इस संघर्ष की शुरुआत इसी वर्कर क्लब से हुई थी। उन्होंने कहा कि इस गौरवशाली संस्थान को अनैतिक एवं गैर-जिम्मेदार संगठनों से बचाना प्रत्येक कर्मचारी की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन संगठनों की नीतियों के कारण भारतीय रेलवे निजीकरण की दिशा में बढ़ा तथा कर्मचारियों की भर्ती और पेंशन व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा, ऐसे संगठनों से कर्मचारियों को सावधान रहना चाहिए और सभी इंजीनियरों, कर्मचारियों एवं सदस्यों से अपील की कि वे आगामी वर्कर क्लब चुनाव में आरसीएफ इंप्लाइज यूनियन के पूरे पैनल को भारी मतों से विजयी बनाएं। उन्होंने कहा कि आरसीएफ इंप्लाइज यूनियन के नेतृत्व में ही साहिबजादा अजीत सिंह संस्थान (वर्कर क्लब) आज भारतीय रेलवे के सर्वश्रेष्ठ वर्कर क्लबों में अपनी पहचान बना चुका है तथा यहां उपलब्ध सुविधाएं पूरे भारतीय रेलवे में एक मिसाल हैं।
इस बैठक में आरसीएफ इंप्लाइज यूनियन कैशियर हरविंदर पाल सिंह, तलविंदर सिंह, त्रिलोचन सिंह, अरविंद कुमार साह, साकेत कुमार, राकेश कुमार तथा एर. दलजीत सिंह बाजवा – मानद सचिव SBSI,एर. बलदेव राज,सुरिंदर सिंह,पूरन चंद,जी.पी.एस. चौहान,विपन कुमार,छोटे लाल यादव,विकास सिंह,गुरअमृत पाल सिंह,दर्शन सिंह, जे.के. तोमर,मनोज शर्मा,आर.डी. मीना अपनी टीम के साथ शामिल हुए।
प्रेस सचिव
अरविंद कुमार साह
आरसीएफ ईम्प्लाईज यूनियन।








