ट्रिब्यून टाइम्स न्यूज :
नई दिल्ली 13 अप्रैल ,2026
327वें खालसा साजना दिवस के पवित्र अवसर पर गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब में आयोजित विशाल धार्मिक समागम के दौरान दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका ने समस्त संगतों को लाख-लाख बधाई दी और खालसा पंथ की महानता को उजागर करते हुए संगत को गुरु से जुड़ने का संदेश दिया।
संगत को संबोधित करते हुए कालका ने कहा कि यह बहुत गर्व और सौभाग्य की बात है कि आज संगत ने गुरु साहिब द्वारा बख्शी गई अनमोल दात खंडे-बाटे की पहुल प्राप्त करके अपने जीवन को गुरु वाला बना लिया है। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य इस संसार में जन्म लेता है तो उसके वश में नहीं होता कि वह अपने माता-पिता या गुरु का चयन करे, लेकिन खालसा पंथ को यह विशिष्ट दात प्राप्त है कि हर सिख अपनी आध्यात्मिक इच्छा के अनुसार गुरु गोबिंद सिंह जी को अपना पिता और माता साहिब कौर जी को अपनी आध्यात्मिक माता के रूप में स्वीकार करता है। यह अद्वितीय आध्यात्मिक संबंध खालसा पंथ की महानता और विशिष्टता का प्रतीक है।
उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा धर्म प्रचार की लहर को मजबूत करने के लिए लगातार अमृत संचार समागम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक संगत गुरु की रहित से जुड़ सके। उन्होंने गुरु साहिब के वचनों “रहित प्यारी मुझ को, सिख प्यारा नाहीं” का उल्लेख करते हुए कहा कि रहित से जुड़ना ही सच्चे सिख जीवन की पहचान है।
कालका ने बताया कि गुरु तेग बहादुर जी की शहादत शताब्दी के अवसर पर दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा बड़े स्तर पर अमृत संचार करवाने का संकल्प लिया गया था, जिसके सफल परिणामस्वरूप हजारों की संख्या में संगत गुरु से जुड़ रही है और आज भी सैकड़ों की संख्या में संगत ने अमृत पान करके अपने जीवन को गुरु से जोड़ लिया है।
उन्होंने संगत से अपील की कि 14 अप्रैल को बैसाखी के पावन अवसर पर भाई लखी शाह वणजारा हॉल में आयोजित विशाल कीर्तन समागम और अमृत संचार में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर गुरु घर की खुशियों में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि जो भी संगत अमृत पान करने की इच्छुक है, वह 14 अप्रैल को सुबह 10 बजे तक गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब में अपना नाम दर्ज करवाए, ताकि 11 बजे अमृत संचार समागम सुचारू रूप से आरंभ किया जा सके।
अंत में कालका ने समस्त संगत को खालसा साजना दिवस और बैसाखी के पावन त्योहार की पुनः लाख-लाख बधाई देते हुए कहा कि यह दिन हमें गुरु साहिब द्वारा बख्शे गए खालसा स्वरूप को अपनाने और सिख सिद्धांतों पर दृढ़ रहने की प्रेरणा देता है।












