ट्रिब्यून टाइम्स न्यूज
कपूरथला, 22 जुलाई 2026:
लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) प्रणाली के विरोध और वकील समुदाय की स्वतंत्रता, मान–सम्मान व अधिकारों की रक्षा के लिए ‘जिला बार एसोसिएशन, कपूरथला‘ द्वारा शुरू किया गया आंदोलन अब और अधिक तीखा व व्यापक रूप धारण कर चुका है। आज भूख हड़ताल के तीसरे दिन महिला अधिवक्ताओं ने बढ़–चढ़कर भाग लिया और आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान की।
इसके साथ ही, वकीलों के इस न्यायसंगत संघर्ष को व्यापक जन–समर्थन मिलना शुरू हो गया है। आज डी.सी. दफ़्तर कर्मचारी यूनियन, पंजाब के स्टेट जनरल सेक्रेटरी नरिंदर सिंह चीमा, ज़िला प्रधान हरप्रीत सिंह संधू और ज़िला जनरल सचिव श्रीमती सुखजिंदर सिंह ने अपने साथियों सहित हड़ताल स्थल पर पहुँचकर वकीलों को अपना पूर्ण समर्थन दिया। इसके अलावा, आंदोलन को और मजबूती देते हुए सुल्तानपुर लोधी और कपूरथला के वकीलों के क्लर्क भी आज से इस हड़ताल में औपचारिक रूप से शामिल हो गए हैं।
तीसरे दिन भूख हड़ताल पर बैठने वाले प्रमुख अधिवक्ता:
आज (22 जुलाई 2026) को सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक निम्नलिखित अधिवक्ताओं ने भूख हड़ताल पर बैठकर अपना विरोध दर्ज कराया:
* एडवोकेट नितिन शर्मा
* एडवोकेट वरुण शर्मा
* एडवोकेट दीपिका शीतल (महिला प्रतिनिधि)
* एडवोकेट अमृतपाल (महिला प्रतिनिधि)
* एडवोकेट प्रदीप मेहता
* एडवोकेट पूजा नेगी (महिला प्रतिनिधि)
* एडवोकेट दीप्ति मारवाहा (महिला प्रतिनिधि)
हड़ताल स्थल पर पहुँचकर समर्थन देने वाले वरिष्ठ एवं साथी वकील:
आंदोलन स्थल पर उपस्थित रहकर संघर्ष को समर्थन देने वाले वकीलों में निम्नलिखित प्रमुख रूप से शामिल रहे:
* एडवोकेट करनवीर वशिष्ठ
* एडवोकेट माधव प्राशर
* एडवोकेट राजवीर
* एडवोकेट प्रिंस कौशल
* एडवोकेट हमीश कुमार
* एडवोकेट अनमोलदीप सिंह
* एडवोकेट टेक शरण शर्मा (हैरी)
* एडवोकेट पियूष मंचंदा
* एडवोकेट हैरी शर्मा
* एडवोकेट जे. जे. एस. अरोड़ा
* एडवोकेट राजबीर बावा
* एडवोकेट संदीप सिंह वालिया
* एडवोकेट मनदीप तेजी
* एडवोकेट एम. आर. कालिया
* एडवोकेट एन. एस. नूर
* एडवोकेट परमजीत सिंह लिधड़
* एडवोकेट एस. पी. एस. खिंडा
* एडवोकेट दर्शन सिंह
* एडवोकेट सुखमिंदर सिंह
(एवं अन्य साथी अधिवक्ता)
LADC प्रणाली को पूरी तरह बंद करने की माँग:
भूख हड़ताल पर बैठे एडवोकेट नितिन शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि LADC प्रणाली से नए वकीलों और भविष्य में वकालत के क्षेत्र में आने वाले युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। वकीलों का काम प्रभावित होने के कारण कई अधिवक्ता काम छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक वकीलों की जायज़ माँगें पूरी नहीं हो जातीं। यदि सरकार ने जल्द ही इस ओर ध्यान नहीं दिया, तो यह भूख हड़ताल 24 घंटे की हड़ताल, चंडीगढ़/दिल्ली प्रदर्शन और घेराव में तब्दील कर दी जाएगी।
जिला बार एसोसिएशन के प्रधान एस . एस. मल्ही ने कहा कि अधिकतर यूनियंस का उन्हें समर्थन मिल रहा है तथा यह मोर्चा यू ही चलता रहेगा । आगे की रूपरेखा ज्वाइंट एक्शन कमेटी चंडीगढ़ की तरफ से तय की जाएगी जिसके हिसाब से ही भूख हड़ताल को 24 घंटे की भूख हड़ताल में बदला जाएगा । उन्होंने समूह प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया का उनकी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए धन्यवाद किया और आशा कि वह आगे इसी तरह एक दूसरे का साथ देते रहेंगे।
जारीकर्ता:
जिला बार एसोसिएशन, कपूरथला








