यात्रा के उपलक्ष्य मे इस्कॉन द्वारा निकाली गई 44 वीं संध्या फेरी,पहुंची अतुल गर्ग के निवास,परिवार ने फुल्लो की वर्षा कर किया स्वागत
कपूरथला( )विरासती शहर में 19 जुलाई को निकाली जाने वाली भगवान श्री जगन्नाथ रथ यात्रा के उपलक्ष में रविवार को इस्कान कपूरथला की ओर से 44 वीं संध्या फेरी नगर में निकाली गई।जो नगर में विभिन्न सथानो पर होते हुए समाजसेवी अतुल गर्ग के निवास पर पहुंची।इस दौरान गर्ग परिवार के राधिका गर्ग,श्रीशा गर्ग,वैष्णवी गर्ग,चिराग,अमन, धीरज,आनंद,दीप ठाकुर व बजरंग दल के जिलाध्क्षय आनंद यादव द्वारा संध्या फेरी का आरती और फुल्लो की वर्षा कर जोरदार सवागत किया गया।इस संध्या हरिनाम फेरी में भक्तों का सैलाब देखने को मिला।जिससे पता चलता है कि लोगो मे भगवान की रथ यात्रा को लेकर कितना उत्साह है।गर्ग परिवार ने भगवान जगन्नाथ जी की पालकी के आगे बहुत ही उत्साह से सर झुकार कर आशीर्वाद लिया और पुष्प वर्षा के साथ भगवान का स्वागत किया।इस अवसर पर समज सेवी अतुल गर्ग ने इस्कान कपुरथला द्वारा शहर निवासिओं को धार्मिक गतिविधिओ से जोड़ने के लिए समय-समय पर शहर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की सरहाना करते हुए कि कि आज के इस युग में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन बहुत जरुरी है।उन्होंने कहा कि इन हरिनाम संध्या फेरिओं से हम सभी का हृदय शुद्ध करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि भगवान हमारे हृदय में प्रवेश कर सकें।अतुल गर्ग ने कहा कि हमे भगवान कृष्ण से भोतिक चीजे नही मांगनी चाहिए, मागना है तो केवल भक्ति मांगनी चाहिए।अगर हम ने भगवान के धाम वापिस जाना है तो उसके लिए केवल एक ही रास्ता है भक्ति का।अतुल गर्ग ने सभी शहर निवासिओं को 19 जुलाई को रथ यात्रा में शामिल होने अपील करते हुए कहा कि धार्मिक आयोजनों से समाज में एक संदेश जाता है।इसलिए ऐसे आयोजनों में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचना चाहिए।ऐसे आयोजनों से समाज में आपसी भाईचारा बढ़ता है।अतुल गर्ग ने कहा हम सभी को अपने व्यस्त जीवन में से कुछ समय धार्मिक और समाज सेवा के कार्यो के लिए निकालना चाहिए,जिस से हम और हमारी आने वाली पीढि़यों का जीवन सफल हो सके।उन्होंने कहा, इन आयोजनों में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए।आज हमारा युवा वर्ग गुमराह हो रहा है।वह धार्मिक प्रवृत्ति को भूलता जा रहा है।वैज्ञानिक मोबाइल इंटरनेट की दुनिया में मशगूल हो गया है।अगर हम इस तरह के आयोजन करेंगे तो अवश्य ही युवाओं को सीख मिलेगी।अतुल गर्ग ने कहा कि धार्मिक आयोजन के द्वारा समाज को संगठित करने में संस्कृति के प्रचार प्रसार में सहयोग मिलता है।ऐसे आयोजनों में समाज को बढ़चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए।उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में युवाओं को संस्कारित करने की बहुत आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि संसार में जो व्यक्ति सत्य के मार्ग पर चलता है उस की हमेशा जीत होती है।भगवान कृष्ण के माता-पिता को कंस ने कई प्रकार से प्रताड़ित किया,लेकिन उन्होंने कभी सत्य का मार्ग नहीं छोड़ा।आखिर में भगवान ने अवतार लेकर कंस का वध कर वासुदेव और माता देवकी को कंस के बंधन से मुक्त कराया।









