पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने आम आदमी पार्टी की महिला विंग की तत्कालीन जिला प्रधान एवं वर्तमान सरपंच सतवीर कौर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने एक ड्राइवर से नौकरी दिलाने के बदले हर महीने वेतन का हिस्सा वसूल किया। जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता जतिंदर सिंह, निवासी गांव भवानीगढ़ (भुखियावाली), तलवंडी साबो, बठिंडा ने 2023 में विजिलेंस ब्यूरो में शिकायत दर्ज करवाई थी। जतिंदर सिंह को 24 जुलाई 2023 को पंजाब राज्य वन विकास निगम में आउटसोर्सिंग के तहत ड्राइवर के रूप में नियुक्त किया गया था। उनकी ड्यूटी निगम के चेयरमैन राकेश पुरी के साथ लगाई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सतवीर कौर और राकेश पुरी ने मिलकर जतिंदर सिंह से हर महीने 10 हजार रुपये की मांग की। बाद में यह रकम 8500 रुपये प्रति माह तय की गई, जो नौकरी पर बनाए रखने की शर्त के रूप में मांगी गई। आरोप है कि दो महीने की तनख्वाह में से 10 हजार रुपये किस्त के रूप में ले भी लिए गए। जब जतिंदर सिंह और उसके माता–पिता ने आगे पैसे देने से इनकार किया, तो अक्तूबर 2023 के बाद उसे नौकरी से हटा दिया गया।शिकायत की जांच के दौरान जतिंदर सिंह ने 11 ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग विजिलेंस ब्यूरो को सौंपीं। इन रिकॉर्डिंग्स की ट्रांसक्रिप्ट शिकायतकर्ता की मौजूदगी में तैयार की गई। जांच में सामने आया कि बातचीत के दौरान सतवीर कौर ने 8500 रुपये प्रतिमाह लेने की बात स्वीकार की है और यह भी माना है कि 10 हजार रुपये पहले लिए जा चुके हैं।रिकॉर्डिंग्स में चेयरमैन राकेश पुरी के साथ हुई बातचीत भी शामिल है, जिसमें वे नौकरी और पैसों को लेकर चर्चा करते सुने गए। एक रिकॉर्डिंग में राकेश पुरी यह कहते हुए सुने गए कि अब यह व्यवस्था आगे नहीं चल सकती।विजिलेंस ब्यूरो की जांच में प्रथम दृष्टया यह साबित हुआ कि सतवीर कौर ने अपने राजनीतिक प्रभाव और राकेश पुरी से संबंधों का इस्तेमाल कर नौकरी दिलवाने के बदले अवैध रूप से पैसे की मांग की। इस आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7-ए के तहत सतवीर कौर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। साथ ही जांच में राकेश पुरी की भूमिका की भी गहनता से पड़ताल की जाएगी और यदि किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसे भी जांच में शामिल किया जाएगा।












