खन्ना पुलिस ने जबरन वसूली, धमकियां देने और एक व्यापारी पर गोलियां चलाने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनका लिंक विदेश में बैठे गैंगस्टर डोनी बल, सिद्धू मूसेवाला के पूर्व मैनेजर रहे शगनप्रीत के साथ था। चारों ने इन दोनों के कहने पर ही पायल के शैलर मालिक की दुकान पर फायरिंग की थी। एसएसपी खन्ना डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने बताया कि 14 अप्रैल को पायल की दाना मंडी में एक व्यापारी की आढ़त की दुकान पर अज्ञात लोगों ने फायरिंग की थी। जांच के दौरान पुलिस टीम जब संगम पैलेस के पास पहुंची तो एक संदिग्ध युवक दिखाई दिया। पुलिस को देखते ही वह भागने लगा और एक खाली इमारत की पहली मंजिल पर चढ़ गया, लेकिन भागते समय उसका पैर फिसल गया और वह नीचे गिर गया। पुलिस ने उसे तुरंत काबू कर लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम उमेश कुमार बताया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि 14 अप्रैल को उसने अपने साथी गौरव के साथ मिलकर आढ़ती की दुकान पर फायरिंग की थी। इसके बाद उसे केस में नामजद कर गिरफ्तार कर लिया गया। आगे की पूछताछ में सामने आया कि शगनप्रीत सिंह और जगप्रीत सिंह, जो इस समय ऑस्ट्रेलिया में रह रहे हैं, इस गिरोह के मुख्य संचालक हैं। इनके परिवार के सदस्य यहां बैठकर उन्हें जानकारी देते थे और गैंगस्टर डोनी बल्ल के साथ मिलकर फिरौती और अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते थे।पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने वारदात से पहले पूरी रेकी की थी। इस काम में गुरविंदर सिंह उर्फ गोल्डी और गौरव उर्फ गोला ने अहम भूमिका निभाई। रेकी के दौरान गोल्डी ने अपनी कार का इस्तेमाल किया। वारदात से पहले सभी आरोपी साहनेवाल में इकट्ठा हुए और शगनप्रीत से फोन पर बातचीत की। इसके बाद योजना के तहत दाना मंडी पायल में फायरिंग की गई। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे गहन पूछताछ जारी है। मामले में और बड़े खुलासों की संभावना है। इस केस में शगनप्रीत के पिता सौदागर सिंह को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।











