मुख्यमंत्री ने 15 दिनों में जांच पूरी कराने का दिया आश्वासन
ट्रिब्यून टाइम्स न्यूज :
देहरादून, 23 जून, 2026
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर 16 जून को कर्णप्रयाग में हुई घटना तथा उसके बाद चमोली पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के संबंध में सिख समुदाय की चिंताओं से उन्हें अवगत कराया।
प्रतिनिधिमंडल में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलो, सरदार भूपिंदर सिंह भुल्लर, सरदार सुखिंदर सिंह तथा सरदार इंद्रजीत सिंह भी शामिल थे।
बैठक के बाद जानकारी देते हुए सरदार हरमीत सिंह कालका ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि चमोली पुलिस की कार्रवाई को लेकर सिख समुदाय में गहरा रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि यदि दो पक्षों के बीच कोई विवाद या झड़प हुई थी तो कानूनी कार्रवाई निष्पक्ष रूप से दोनों पक्षों के तथ्यों को ध्यान में रखकर की जानी चाहिए थी, लेकिन इस मामले में एकतरफा कार्रवाई की भावना सामने आई है, जिसके कारण सिख समुदाय में व्यापक नाराजगी है।
सरदार कालका ने आरोप लगाया कि हिरासत में लिए गए सिख युवकों के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया गया तथा उन्हें बिना पगड़ी के अदालत में पेश किया गया, जिससे सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि इस मामले की सच्चाई सामने आना और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होना अत्यंत आवश्यक है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच डीजीपी स्तर पर कराई जाएगी तथा 15 दिनों के भीतर जांच पूरी करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि हरिद्वार के एसएसपी श्री नवनीत सिंह भुल्लर को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरदार कालका ने बताया कि मामले में क्रॉस एफआईआर भी दर्ज की गई है ताकि सभी पक्षों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने यह मांग भी रखी कि जिन पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठे हैं, उनके आचरण की भी निष्पक्ष जांच की जाए। इस पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तराखंड आने वाले प्रत्येक यात्री की सुरक्षा, सम्मान और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए और ऐसे किसी भी बयान या कदम से बचना चाहिए जिससे सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचे।
सरदार हरमीत सिंह कालका ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ बैठक अत्यंत सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए आश्वासनों से प्रतिनिधिमंडल संतुष्ट है और उम्मीद करता है कि जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न होगी।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सिख यात्रियों के अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेगी तथा सच्चाई सामने आने तक इस मामले की निरंतर पैरवी करती रहेगी।
फोटो कैप्शन:
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका और महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलो उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात करते हुए।









