दुर्गा वाहिनी की युवतियों को माता भद्रकाली मंदिर कमेटी की और से किया गया सम्मानित
कपूरथला 1 मार्च
ट्रिब्यून टाइम्स न्यूज :
विश्व हिन्दू परिषद बजरंग दल व मातृशक्ति-दुर्गा वाहिनी की ओर से सम्पूर्ण विश्व में राष्ट्र,धर्म एवं समाज के लिए किए जा रहे सराहनीय कार्यों को प्रोत्साहित करने व साथ में माता भद्रकाली जी का आशीर्वाद संगठन को मिले इस के लिए माता भद्रकाली मंदिर कमेटी शेखूपुर के चेयरमेन राधे श्याम व सदस्यों की और से कपूरथला मे नवगठित मातृशक्ति-दुर्गा वाहनी की सभी सदस्यों को विश्व हिन्दू परिषद जालंधर विभाग अधक्ष्य नरेश पंडित की अध्यक्षता में माता भद्रकाली मंदिर शेखूपुर में आमंत्रित किया गया।इस मौके पर मंदिर कमेटी की और से दुर्गा वाहिनी की सदस्यों को स्मृति चिन्ह और माता रानी की चुनरी देकर सन्मानित किया गया साथ ही विराजित भक्त वत्सल,परम शक्ति सवरूपा,अहंकार और आसुरी शक्तिओं के विनाश की प्रतीक माँ भद्रकाली का आशीर्वाद सदैव मातृशक्ति-दुर्गा वाहिनी की सदस्यों को मिलता रहे इस के लिए माँ भगवती के चरणों में प्रार्थना की गयी।इस अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद जालंधर विभाग अधक्ष्य नरेश पंडित ने कहा कि दुर्गा वाहिनी हिंदू युवतियों का एक गतिशील स्वैच्छिक स्यंसेवी संगठन है।किसी भी राष्ट्र की शक्ति और ऊर्जा का केंद्र उसकी युवा शक्ति होती है।क्योंकि यही युवा शक्ति समाज और राष्ट्र को गौरव के शिखर तक ले जाती है, चाहे इसके लिए उन्हें अपने प्राणों की आहुति ही क्यों न देनी पड़े।यही कारण है कि सभी समाज और संस्थाएं हमेशा युवा शक्ति की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास करती हैं। निष्क्रिय न रहने वाली,गतिशील युवा शक्ति ही किसी भी राष्ट्र की रीढ़ होती है।इसलिए वेदों में चरैवेति का संदेश दिया गया है(गतिशील रहो,गतिशील रहो)।गतिशीलता ही जीवन है और निष्क्रियता मृत्यु है।उन्होंने कहा कि दुर्गा वाहिनी की युवतियों को राष्ट्र के लिए निरंतर कार्य करना होता है।उन्हें युवतियों में जागरूकता,एकता,वीरता आदि जैसे विभिन्न गुणों का सृजन करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम अपनाने होंगे।यह स्वाभाविक है कि ये युवतियां शारीरिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ और सक्षम हों।दुर्गा वाहिनी की छवि एक ऐसे संगठन की होनी चाहिए जो समाज की सुरक्षा के लिए प्रयासरत हो और संस्कार प्रदान करे।अतःदुर्गा वाहिनी को अखिल भारतीय दर्जा प्रदान करते समय निम्नलिखित बिंदुओं को ध्यान में रखा गया।उपरोक्त कार्यक्रमों के माध्यम से दुर्गाओं और उनके संगठनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।दुर्गा वाहिनी के उद्देश्य से प्रेरित होकर अधिक संख्या में बहनें इस राष्ट्रीय यज्ञ में भाग लेने के लिए आगे आ रही हैं और संगठन के विस्तार के लिए अपना अधिकतम समय दे रही हैं।दुर्गा वाहिनी द्वारा सेवा के माध्यम से समाज में अपनेपन और जुड़ाव की भावना पैदा करके संगठन का आधार बढ़ाया जा रहा है।सुरक्षा कार्यक्रमों के माध्यम से दुर्गाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है।इसके अलावा,नियुद्ध और राइफल शूटिंग आदि के प्रशिक्षण के बाद वे साहसिक कारनामे करने में सक्षम हो रही हैं।इन कार्यक्रमों के माध्यम से दुर्गाओं के संस्कार संपन्न होने से परिवारों में सुधार देखा जा रहा है।चूंकि वे अच्छे संस्कारों को आत्मसात कर रही हैं, इसलिए परिवारों की माताएं भी हमारी संस्कृति और संस्कारों के प्रति जागरूक हो रही हैं और इस प्रकार हमें एक स्वस्थ समाज के निर्माण में सहायता मिल रही है।दुर्गा वाहिनी की जिला संयोजिका सीमा जोशी ने कहा कि
दुर्गा वाहिनी कई कार्यक्रमों के माध्यम से दुर्गाओं के संस्कार संपन्न होने से परिवारों में सुधार देखा जा रहा है।चूंकि वे अच्छे संस्कारों को आत्मसात कर रही हैं, इसलिए परिवारों की माताएं भी हमारी संस्कृति और संस्कारों के प्रति जागरूक हो रही हैं और इस प्रकार हमें एक स्वस्थ समाज के निर्माण में सहायता मिल रही है।शारीरिक कार्यक्रमों के माध्यम से युवतियां बड़े पैमाने पर संगठन से जुड़ रही हैं। स्कूल और कॉलेज की लड़कियाँ भी उत्साह और लगन से दुर्गा वाहिनी से जुड़ रही हैं।सतर्कता अभियान के माध्यम से धर्मांतरण का विरोध किया जा रहा है और सामाजिक जागरूकता भी बढ़ रही है।युवतियों को उनके परिवर्तित धर्मों से वापस लाकर पुनर्वासित किया जा रहा है,जिससे उन्हें सुधार की राह दिखाई दे रही है।आंदोलनकारी कार्यक्रमों के तहत अश्लील पोस्टर और बैनर हटाए जा रहे हैं।इसी तरह,पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है।











