ट्रिब्यून टाइम्स न्यूज :
कपूरथला
आरसीएफ एम्पलाइज यूनियन बठिंडा में अपनी जायज और संवैधानिक मांगों के लिए शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहा) के कार्यकर्ताओं और आम किसानों पर पंजाब पुलिस व प्रशासन द्वारा किए गए बर्बर लाठीचार्ज की अत्यंत कड़े शब्दों में निंदा करती है। यह अत्यंत शर्मनाक है कि जो अन्नदाता पूरे देश का पेट भरता है, उसे अपनी ही जमीन के हक, उचित मुआवजे और पूर्व में दर्ज किए गए फर्जी पुलिस मुकदमों को रद्द करवाने जैसी बुनियादी मांगों के लिए सड़कों पर लहूलुहान होना पड़ रहा है। यूनियन का मानना है कि पंजाब सरकार और केंद्र सरकार की नीतियां आज पूरी तरह से कॉरपोरेट घरानों के पक्ष में झुक चुकी हैं, जिसके चलते किसानों के हितों की बलि चढ़ाई जा रही है। बठिंडा की इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि मौजूदा सत्ता तंत्र किसानों की आवाज सुनने के बजाय लाठियों के जोर पर उन्हें खामोश करना चाहता है, जिसे किसी भी सभ्य समाज और लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
यूनियन के महासचिव सर्वजीत सिंह ने इस दमनकारी कार्रवाई पर गहरा रोष प्रकट करते हुए कहा कि एक ओर केंद्र सरकार एमएसपी की कानूनी गारंटी और कृषि सुधारों के नाम पर किसानों को छल रही है, वहीं दूसरी ओर राज्य प्रशासन ने निहत्थे बुजुर्गों, युवाओं और महिलाओं पर बल प्रयोग कर अपनी संवेदनहीनता का परिचय दिया है। आरसीएफ एम्पलाइज यूनियन इस दुखद घड़ी में किसान जत्थेबंदियों के साथ अपनी अटूट एकजुटता प्रकट करती है और स्पष्ट चेतावनी देती है कि मजदूर और किसान अलग नहीं हैं; हम एक ही संघर्ष की दो भुजाएं हैं। यदि सरकार ने तुरंत प्रभाव से दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की, घायल किसानों को उचित सम्मान व न्याय नहीं दिया और किसानों की न्यायसंगत मांगों को नहीं माना, तो यह आंदोलन केवल खेतों और गांवों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रेल कोच फैक्ट्री के हजारों मजदूर भी इस संघर्ष के समर्थन में सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे।
प्रशासन को यह समझ लेना चाहिए कि इतिहास गवाह है कि लाठियों और गोलियों के दम पर कभी भी जन-आंदोलनों को दबाया नहीं जा सका है, बल्कि ऐसी कार्रवाई संघर्ष की आग को और अधिक प्रज्वलित करती है। आरसीएफ एम्पलाइज यूनियन मांग करती है कि किसानों पर दर्ज सभी दुर्भावनापूर्ण मुकदमे तुरंत वापस लिए जाएं और बठिंडा लाठीचार्ज की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच सुनिश्चित की जाए। हम आने वाली 12 फरवरी की देशव्यापी हड़ताल के माध्यम से भी इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाएंगे और सरकार की इन मजदूर-किसान विरोधी नीतियों का पर्दाफाश करेंगे। आज का यह प्रेस नोट हमारी ओर से किसानों के प्रति केवल समर्थन नहीं, बल्कि सरकार के विरुद्ध ऐलान है कि हम हर उस अन्याय के खिलाफ खड़े होंगे जो इस देश के मेहनतकश वर्ग पर ढाया जाएगा।
जारीकर्ता:
अरविंद कुमार शाह
प्रेस सचिव, आरसीएफ एम्पलाइज यूनियन
रेल कोच फैक्ट्री, कपूरथला












