Tribune Times

Tribune Times

आज हर भारतवासी,भारतीय रेलवे का कायाकल्प होते देखकर गर्व से भरा हुआ है-उमेश शारदा

SHARE:

 

बोले-रेलवे को राजनीति का अखाड़ा बना दिया गया था, 2014 के बाद हुआ कायाकल्प

 

कपूरथला

 

मोदी राज में हाईवे,एक्सप्रेस-वे,रेलवे की योजनाएं जिस तूफानी रफ्तार से पूरी हो रही हैं।उससे दुनिया के बड़े-बड़े देश भी हैरान हैं।हाइवे और रेलवे नेटवर्क के विस्तार में क्रांतिकारी काम हुआ है।एक्सप्रेसवे के दैनिक निर्माण में विश्व रिकॉर्ड बन रहा है।यह भाजपा प्रदेश कार्यकारणी के सदस्य उमेश शारदा ने एक प्रेस बयान जारी कर कही।उन्होंने कहा कि 1950 से 2015 के बीच यानि 65 साल में जितने नेशनल हाइवे और रेलवे लाइन के निर्माण हुए,उससे ज्यादा तो 2026 में खत्म होने की कगार पर है।उमेश शारदा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में भारतीय रेलवे का अभूतपूर्व कायाकल्प हुआ है,जिसके तहत आधुनिक वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों की शुरुआत, शत-प्रतिशत विद्युतीकरण और सैकड़ों स्टेशनों का पुनर्विकास शामिल है।उमेश शारदा ने कहा कि देश में सेमी-हाई स्पीड वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों के संचालन से रेल यात्रा का अनुभव पूरी तरह बदल गया है।ब्रॉडगेज नेटवर्क का लगभग 100% विद्युतीकरण पूरा हो चुका है,जिससे पर्यावरण संरक्षण और तेज गति को बढ़ावा मिला है।अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश भर के 550 से अधिक प्रमुख स्टेशनों को विश्व स्तरीय सुविधाओं (वाई-फाई,लिफ्ट,एस्केलेटर) के साथ आधुनिक बनाया जा रहा है।स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच और मानवरहित क्रॉसिंग को खत्म करने से हादसों में कमी आई है और सुरक्षा बढ़ी है।नए ट्रैक बिछाने,डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स से माल ढुलाई और यात्री गाड़ियों की समयबद्धता में सुधार हुआ है।उमेश शारदा ने पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में रेलवे भर्तियों में राजनीति व भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाते हुए कहा क‍ि यह देश का दुर्भाग्य है क‍ि रेलवे को राजनीति का अखाड़ा बना दिया गया था।उमेश शारदा ने कहा क‍ि रेलवे में हालात 2014 के बाद बदलने शुरू हुए जब देश के लोगों ने केंद्र में स्थिर सरकार बनवाई।उन्होंने कहा क‍ि भारतीय रेलवे का कायाकल्प होते देखकर आज हर भारतवासी गर्व से भरा हुआ है।उमेश शारदा ने यह हमारे देश का दुर्भाग्‍य रहा है कि रेलवे जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था,जो सामान्य मानवीय जीवन का इतना बड़ा ह‍िस्‍सा है,उसे भी राजनीति का अखाड़ा बना दिया गया था।आजादी के बाद भारत को एक बड़ा रेलवे नेटवर्क मिला था।लेक‍िन रेलवे के आधुनिकीकरण पर हमेशा राजनीतिक स्‍वार्थ हावी रहा।उन्‍होंने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ से तय किया जाता था कि कौन रेल मंत्री बनेगा कौन नहीं बनेगा,कौन सी ट्रेन क‍िस स्‍टेशन पर चलेगी।उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ ने ही बजट में ऐसी-ऐसी ट्रेनों की घोषणा करवाई जो कभी चली ही नहीं।उमेश शारदा ने कहा हालत यह थी कि रेलवे की भर्तियों में राजनीति होती थी,बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होता था।गरीब की जमीन छीनकर उन्हें रेलवे में नौकरी का झांसा दिया गया।रेलवे की सुरक्षा,प्लेटफार्म की स्वच्छता सब कुछ को नजरअंदाज कर दिया गया था।उन्होंने कहा क‍ि केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)नीत सरकार आने के बाद हालात बदले।उन्होंने कहा इन सारी परिस्थितियों में बदलाव वर्ष 2014 के बाद आना शुरू हुआ है जब देश के लोगों ने स्थिर सरकार,पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनवाई।जब सरकार पर राजनीतिक सौदेबाजी का दबाव हटा तो रेलवे ने भी चैन की सांस ली और नई ऊंचाई पाने के लिए दौड़ पड़ी।आज हर भारतवासी, भारतीय रेलवे का कायाकल्प होते देखकर गर्व से भरा हुआ है।

 

 

 

trfgcvkj.blkjhgfd
1
Default choosing

Did you like our plugin?

सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather

और पढ़ें

राज्य

शहर चुनें