UPS के खिलाफ पूरे देश में ब्लैक-डे अभियान: अमरीक सिंह

 

– एनपीएस, यूपीएस के खिलाफ तथा पुरानी पेंशन बहाली के लिए संघर्ष जारी रहेगा: सर्वजीत सिंह

 

 

ट्रिब्यून  टाइम्स  न्यूज

कपूरथला, 1 अप्रैल

 

नेशनल मूवमेंट फॉर ऑल पेंशन स्कीम (NMOPS) एवं इंडियन रेलवे एम्पलाइज फेडरेशन (IREF) के राष्ट्रीय आह्वान पर देश के सभी मुख़यालयों एवं पूरे भारतीय रेल में 01 अप्रैल का दिन “काले दिवस” के रूप में मनाया गया। रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला में आरसीएफ एम्पलाइज यूनियन एवं फ्रंट अगेंस्ट एनपीएस इन रेलवे द्वारा उपरोक्त “ब्लैक-डे” के समर्थन में वर्कशॉप गेट पर कर्मचारियों को “काली पट्टी” बांधकर विरोध प्रदर्शन किया गया तथा भारत सरकार की एनपीएस एवं यूपीएस जो सरासर कर्मचारी विरोधी नीति है इसके खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। आज के इस “ब्लैक-डे” अभियान में आरसीएफ के सैकड़ो कर्मचारियों ने भागीदारी कर भारत सरकार की यूनिफाइड पेंशन स्कीम की नीति को सिरे से खारिज कर दिया तथा एकजुटता के साथ कहा कि हमने ना ही भारत सरकार की नई पेंशन नीति को अपनाया और ना ही अब हम यूपीएस यानी कि यूनिफाइड पेंशन स्कीम अपनाएंगे, हम केवल पुरानी पेंशन बहाली की मांग कर रहे हैं और जब तक पुरानी पेंशन स्कीम बहाल नहीं होगी यह संघर्ष जारी रखेंगे।

फ्रंट अगेंस्ट एनपीएस इन रेलवे के राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड अमरीक सिंह ने कहा कि रेलवे तथा देश के लाखों कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर सालों से संघर्ष कर रहे हैं पुरानी पेंशन बहाली के लिए लाखों कर्मचारियों ने कई बार दिल्ली में बड़ी रैलियां की है लेकिन भारत सरकार ने कर्मचारियों के साथ फिर से विश्वासघात किया और पुरानी पेंशन की जगह यूपीएस का ऑप्शन देकर यह साबित कर दिया कि भारत सरकार एकदम कर्मचारी विरोधी है। हम सरकार की इस नीति का विरोध करते हैं, जिसके चलते पूरे देश में राज्य कर्मचारी एवं भारतीय रेलवे के समस्त ज़ोन एवं डिवीजन, वर्कशॉप इत्यादि में रेलवे कर्मचारियों के द्वारा आज 1 अप्रैल 2025 को “ब्लैक-डे” के तौर पर मनाया गया। कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर अपना कार्य किया तथा भारत सरकार तक अपनी आवाज को बुलंद किया।

 

 इंडियन रेलवे एम्पलाइज फेडरेशन के महासचिव का. सर्वजीत सिंह ने कहा कि जब तक पुरानी पेंशन स्कीम बहाल नहीं होगी इंडियन रेलवे एम्पलाइज फेडरेशन एवं आरसीएफ इंप्लाइज यूनियन द्वारा संघर्ष जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी फेडरेशन तीसरे विकल्प के रूप में रेलवे में कार्य कर रही है और हम भारत सरकार की कर्मचारी एवं मजदूर विरोधी नीतियों का डटकर संघर्ष करने की हिम्मत रखते हैं इसीलिए कर्मचारियों का बढ़-चढ़कर साथ मिलता है। उन्होंने कहा कि यूपीएस की नीति, एनपीएस से भी बेहद खतरनाक है! कर्मचारियों की मेहनत की पूंजी चंद पूंजीपतियों के हवाले करने की गहरी साजिश है यूपीएस स्कीम। इसलिए हम यूपीएस को एनपीएस की तरह सिरे से खारिज करते हैं तथा भारत सरकार से यह मांग करते हैं कि कर्मचारियों के हित में फैसला लेते हुए तुरंत पुरानी पेंशन स्कीम बहस की जाए।

 

 इस रोष प्रदर्शन में मुख्य रूप में से बचीतर सिंह, नरिंदर कुमार,  जसपाल सिंह सैंखो, जगतार सिंह, भरत राज, बलदेव राज, त्रिलोचन सिंह, तलविंदर सिंह, बलजिनदर पाल, जगदीप सिंह, प्रदीप सिंह, साकेत यादव, अवतार सिंह, संदीप कुमार,हरपरीत सिंह ,अश्वनी कुमार, शिवराज मीणा, सनी , रोनित, पंकज कुमार, राकेश कुमार,राजेंद्र कुमार, सुभाष, सुरेंद्र कुमार, रवि कुमार, सीताराम, देवेंद्र कुमार, संजय कुमार, कौशल, विकासमनी, हरकेश, समरेश, आर्यन, बलराम, मैनपाल, मक्खन सिंह, जगजीत सिंह, मनोहर लाल, अमरीक सिंह इत्यादि सैकड़ो कर्मचारी सहित यूनियन की पूरी कार्यकारिणी ने भरपूर सहयोग दिया।

 

 

 

 

 

 

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