कपूरथला:
रेल कोच फैक्ट्री (RCF), कपूरथला में कर्मचारियों से जुड़े महत्वपूर्ण एवं लंबित मुद्दों को लेकर आरसीएफ एम्पलाइज यूनियन (RCFEU) का संघर्ष लगातार जारी है। इसी कड़ी में आज 24 अगस्त 2026 को आरसीएफ के डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर आरसीएफ एम्पलाइज यूनियन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने एकत्रित होकर जोरदार नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपने हक-अधिकारों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर प्रशासन के खिलाफ जमकर आवाज बुलंद की। यूनियन ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की जायज मांगों को लंबे समय तक लंबित रखना और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस अवसर पर आरसीएफ एम्पलाइज यूनियन के प्रधान अमरीक सिंह ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आरसीएफ में लंबे समय से खाली पड़े 2043 पदों को तत्काल भरा जाए, ताकि कर्मचारियों पर बढ़ रहे अतिरिक्त कार्यभार को कम किया जा सके और उत्पादन कार्य सुचारु रूप से चल सके। उन्होंने कहा कि आरसीएफ के उत्पादन लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आवश्यकतानुसार नई पोस्टें भी सृजित की जानी चाहिए, क्योंकि बढ़ते उत्पादन के अनुरूप पर्याप्त मानवशक्ति उपलब्ध करवाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
प्रधान अमरीक सिंह ने कर्मचारियों को समय पर और पर्याप्त इंसेंटिव उपलब्ध करवाने की मांग भी जोरदार तरीके से उठाई। उन्होंने कहा कि कर्मचारी कठिन परिस्थितियों में अतिरिक्त मेहनत करके उत्पादन लक्ष्य हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, इसलिए उनके इंसेंटिव में किसी भी प्रकार की अनुचित कटौती या देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने आरसीएफ में पर्याप्त मात्रा में और समय पर मैटीरियल उपलब्ध करवाने की मांग करते हुए कहा कि यदि उत्पादन लक्ष्य निर्धारित किए जाते हैं तो उन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक मैटीरियल और संसाधन उपलब्ध करवाना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। मैटीरियल की कमी का खामियाजा कर्मचारियों पर नहीं डाला जा सकता।
इसके साथ ही यूनियन ने आरसीएफ की 147 पोस्टों (2 प्रतिशत) को समाप्त करने के निर्णय को वापस लेने की मांग प्रमुखता से उठाई। यूनियन ने कहा कि पोस्टों को समाप्त करने के बजाय आरसीएफ की उत्पादन क्षमता और भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए कर्मचारियों की संख्या एवं पदों में बढ़ोतरी की जानी चाहिए और री-अंगेजमेंट नीति का विरोध करते हुए कहा कि नियमित कर्मचारियों के पदों को समाप्त करना और उसके स्थान पर री-अंगेजमेंट के माध्यम से व्यवस्था चलाना कर्मचारियों के हित में नहीं है। यूनियन कर्मचारियों के स्थायी रोजगार, सम्मानजनक सेवा शर्तों और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती के साथ संघर्ष करेगी।
आरसीएफ एम्पलाइज यूनियन के महासचिव सर्वजीत सिंह ने पीएनएम बैठक के दौरान प्रशासन के समक्ष कर्मचारियों से जुड़े इन सभी महत्वपूर्ण मुद्दों को स्पष्ट एवं मजबूती से रखा था। उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट शब्दों में कहा था कि यदि इन मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो यूनियन अपने संघर्ष को और तेज करने के लिए मजबूर होगी। कर्मचारियों के हक-अधिकारों पर किसी भी प्रकार का हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यूनियन किसी भी दबाव में कर्मचारियों के हितों से समझौता नहीं करेगी। यदि कर्मचारियों की जायज मांगों का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक एवं तेज किया जाएगा।
आज का प्रदर्शन केवल शुरुआत है। यूनियन कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाएगी और प्रशासन को कर्मचारियों की आवाज सुनने के लिए मजबूर किया जाएगा।
यूनियन ने घोषणा की कि 25 अगस्त 2026 को भी डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर जोरदार नारेबाजी एवं रोष प्रदर्शन किया जाएगा और जब तक कर्मचारियों से जुड़े सभी जायज मुद्दों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक आरसीएफ एम्पलाइज यूनियन का संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
आरसीएफ एम्पलाइज यूनियन ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के हक और अधिकारों की रक्षा के लिए किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर संघर्ष को और व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा।
जारीकर्ता :-
अरविंद कुमार साह
प्रेस सचिव
आरसीएफ एम्प्लाइज यूनियन ।









