नई दिल्ली 24 अगस्त, 2026
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष और शिरोमणि अकाली दल दिल्ली स्टेट के नेता सरदार हरमीत सिंह कालका ने कहा है कि शिरोमणि अकाली दल का गौरवशाली इतिहास, जिस महान उद्देश्य के साथ 1920 में इसकी स्थापना हुई थी, सिख पंथ की मर्यादाओं, परंपराओं और पंथक सोच के प्रति समर्पित रहा है। इसी विरासत और पंथक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शिरोमणि अकाली दल दिल्ली स्टेट भी सिख कौम की आशाओं-उम्मीदों और पंथक मुद्दों की आवाज़ को मजबूती से उठा रही है।
उन्होंने बताया कि शिरोमणि अकाली दल दिल्ली स्टेट का गठन 2022 में हुआ था और इसका पाँचवाँ स्थापना दिवस 25 अगस्त, 2026 को शाम 4 बजे से 7 बजे तक तालकटोरा स्टेडियम, नई दिल्ली में पंथक कन्वेंशन के रूप में बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है।
सरदार कालका ने कहा कि यह केवल स्थापना दिवस मनाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सिखी की महान परंपराओं, पंथक विरासत और कौमी जिम्मेदारियों से पुनः जुड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। वर्तमान समय में पंथ और समाज के सामने आ रही विभिन्न चुनौतियों पर पंथक विचार-विमर्श के माध्यम से चर्चा करना और उनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास करना समय की प्रमुख आवश्यकता है।
उन्होंने दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों की समस्त संगतों से जोरदार अपील की कि वे इस ऐतिहासिक पंथक कन्वेंशन में बड़ी संख्या में शामिल हों और शिरोमणि अकाली दल की गौरवशाली विरासत के साथ अपने जुड़ाव को और मजबूत करें।
उन्होंने कहा कि 25 अगस्त को शाम 4 बजे से 7 बजे तक तालकटोरा स्टेडियम में होने वाले इस पंथक कन्वेंशन में संगतों की बड़ी भागीदारी पंथक एकता, चढ़दी कला और सिखी के प्रति समर्पण का प्रतीक बनेगी। उन्होंने समस्त संगतों से कार्यक्रम का हिस्सा बनकर गुरु साहिब की खुशियाँ प्राप्त करने की अपील की।
Photo caption दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका और दिल्ली कमेटी के सदस्य नई दिल्ली स्थित तालकटोरा स्टेडियम में शिरोमणि अकाली दल दिल्ली स्टेट के पांचवें स्थापना दिवस के संबंध में आयोजित होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों का निरीक्षण करते हुए।
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मुख्य विशेषता: शिरोमणि अकाली दल दिल्ली स्टेट का पाँचवाँ स्थापना दिवस 25 अगस्त को तालकटोरा स्टेडियम में पंथक कन्वेंशन के रूप में मनाया जाएगा। शाम 4 से 7 बजे तक होने वाले इस कार्यक्रम में सिखी की महान परंपराओं, पंथक विरासत और वर्तमान चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। सरदार हरमीत सिंह कालका ने दिल्ली और आसपास की संगतों से बड़ी संख्या में पहुँचकर पंथक एकता और चढ़दी कला का प्रदर्शन करने की अपील की है।








