मनमोहन सिंह
लोक संपर्क सलाहकार
उप सचिव, लोक संपर्क (सेवानिवृत्त)
पावरकॉम, पटियाला
ईमेल: iopspcl@gmail.com
फोन: 843725172
भारत में लगभग 127 वर्ष पहले, सन् 1899 में बिजली का व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो चुका था। देश के अग्रणी राज्यों में शामिल पंजाब में पूरे 110 वर्ष पहले, 8 फरवरी 1916 को पहला बिजली कनेक्शन जारी किया गया था।
पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के संचालन शहरी सर्कल अमृतसर के उप मुख्य अभियंता इंजीनियर गुरशरण सिंह खैरा के अनुसार, अमृतसर के हॉल गेट स्थित बिजली विभाग के सबसे पुराने कार्यालय से प्राप्त दस्तावेज़ों से यह जानकारी मिलती है कि पहला बिजली कनेक्शन मुख्य इलेक्ट्रिकल इंजीनियर एच. सी. ग्रीनवुड द्वारा स्वीकृत किया गया था।
11 दिसंबर 1915 को म्युनिसिपल इलेक्ट्रिसिटी विभाग द्वारा अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर के घर के लिए पहला बिजली कनेक्शन लगाने हेतु एक आवेदन पत्र दिया गया था। उस समय अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर सी. एम. किंग थे। बिजली कनेक्शन जारी करने के लिए आवेदन पर वर्क ऑर्डर नंबर एक, दिनांक 8 फरवरी 1916 के माध्यम से पहला बिजली कनेक्शन जारी किया गया और आवेदक को बिजली कनेक्शन के लिए 55 रुपये जमा कराने के लिए कहा गया था।
पावरकॉम के दक्षिण संचालन ज़ोन के मुख्य अभियंता इंजीनियर रतन मित्तल के अनुसार, श्रीमती सरिता पावरकॉम की एक करोड़वीं बिजली उपभोक्ता हैं। उन्होंने पावरकॉम से घरेलू कनेक्शन लिया था, जिन्हें 31 जुलाई 2021 को बिजली खपत का बिल जारी किया गया।
पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के रिकॉर्ड के अनुसार, सन् 1917 में बिजली की दरें आठ आना प्रति यूनिट थीं और इसमें 25 प्रतिशत की छूट दी जाती थी। अपर बारी दोआब नहर की वह जगह, जहां 1915 में शहर के लिए बिजली उत्पादन हेतु टर्बाइनों को लगाया गया था, को हेरिटेज प्रोजेक्ट के तहत संरक्षित रखा गया है। पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा 1995 में नगर परिषद/नगरपालिका बिजली विभाग को अपने अधीन लेने के बाद यह एक लंबा सफर तय कर चुका है।
वर्तमान समय में पावरकॉम लगभग एक करोड़ सात लाख विभिन्न श्रेणियों के बिजली उपभोक्ताओं के परिसरों को रोशन कर रहा है। इनमें 79.28 लाख घरेलू कनेक्शन, 12.57 लाख वाणिज्यिक कनेक्शन, 13.91 लाख कृषि कनेक्शन, 1.57 लाख औद्योगिक कनेक्शन तथा 6414 अन्य कनेक्शन शामिल हैं।












