क्यूबा पर अमेरिकी प्रतिबंध : विदेश मंत्री रोड्रिग्ज ने ईंधन नाकेबंदी और आर्थिक दबाव पर साधा निशाना

 

 

हवाना। क्यूबा और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। क्यूबा ने अमेरिका पर ईंधन आपूर्ति को लेकर झूठ बोलने का गंभीर आरोप लगाया है। क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज पैरिला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मएक्सपर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका के दावे उसकी अपनी नीतियों और आदेशों से मेल नहीं खाते। उन्होंने 29 जनवरी के एक कार्यकारी आदेश और उसके बाद उठाए गए कदमों का हवाला देते हुए कहा कि यह क्यूबा पर क्रूर ईंधन नाकाबंदी है। रोड्रिगेज के मुताबिक, अमेरिका सिर्फ क्यूबा को तेल देने वाले देशों और कंपनियों को प्रतिबंध की धमकी दे रहा है, बल्कि तेल टैंकरों को भी निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन की नीति का मकसद क्यूबा की अर्थव्यवस्था को कमजोर करना, विकास रोकना, आय के स्रोत खत्म करना और बाजार तकनीक तक उसकी पहुंच सीमित करना है।
दरअसल, क्यूबा दशकों से अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहा है, जिसके चलते देश गंभीर आर्थिक और ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने भी चेतावनी दी है कि ईंधन की भारी कमी क्यूबा को मानवीय संकट की ओर धकेल रही है।
इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को लेकर एक विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा, “अगला नंबर क्यूबा का है, लेकिन मीडिया से कहता हूं कि इस बात को नजरअंदाज करें।यह बयान उन्होंने मियामी, फ्लोरिडा में आयोजित फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव सम्मेलन में दिया।
यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिका पहले ही वेनेजुएला और ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर चुका है। 3 जनवरी को वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिया गया था, जबकि 28 फरवरी से ईरान पर हमले जारी हैं।
इससे पहले भी राष्ट्रपति ट्रंप कह चुके हैं कि क्यूबा जल्द गिरने वाला है, हालांकि फिलहाल उनका ध्यान ईरान पर केंद्रित है।

 

 

 

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