अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के 673 दिनों बाद PM मोदी राम मंदिर के शिखर पर आज ध्वजारोहण किया।

अयोध्या। अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के 673 दिनों बाद PM मोदी राम मंदिर के शिखर पर आज ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण समारोह में पीएम के साथ RSS प्रमुख मोहन भागवत,सीएम योगी भी साथ मौजूद रहे। पीएम ने ध्वजारोहण से पहले सप्त ऋषियों के दर्शन किए, भगवान शेषावतार लक्ष्मण की पूजा की और जलाशय भी देखा।ध्वजारोहण से पहले पीएम मोदी ने राम दरबार में पूजा अर्चना की। ध्वजा की खासियत की बात करें तो समकोण त्रिभुजाकार धर्म ध्वजा की ऊंचाई 10 फुट और लंबाई 20 फुट है। ध्वज पर उकेरा गया दीप्तिमान सूर्य भगवान राम के तेज और वीरता का प्रतीक माना जाता है। इस पर ‘ॐ’ का चिन्ह और कोविदार वृक्ष की आकृति भी अंकित है। यह पवित्र ध्वजा गरिमा, एकता और सांस्कृतिक निरंतरता का संदेश देती है और रामराज्य के आदर्शों का प्रतीक मानी जाती है। यह धर्म ध्वजा पारंपरिक उत्तर भारतीय नागर शैली में निर्मित मंदिर के ‘शिखर’ पर फहराई जाएगी, जबकि इसके चारों ओर बना लगभग 800 मीटर लंबा परकोटा दक्षिण भारतीय वास्तुकला में डिजाइन किया गया है, जो मंदिर की वास्तुशिल्प विविधता को दर्शाता है। यह पवित्र झंडा प्रतिष्ठा, एकता और कल्चरल कंटिन्यूटी को दिखाता है और इसे रामराज्य के आदर्शों का प्रतीक माना जाता है। मंदिर परिसर में मुख्य मंदिर की बाहरी दीवारों पर वाल्मीकि रामायण पर आधारित भगवान श्री राम के जीवन से जुड़े 87 बारीकी से पत्थर पर उकेरे गए प्रसंग हैं। घेरे की दीवारों पर भारतीय संस्कृति से जुड़े 79 कांस्य-ढाल वाले प्रसंग रखे गए हैं। अहमदाबाद के एक पैराशूट स्पेशलिस्ट ने इसे डिजाइन किया है। इस झंडे का वजन दो से तीन किलोग्राम के बीच है और इसे मंदिर की 161 फीट ऊंची चोटी और 42 फीट ऊंचे झंडे के खंभे के ऊपर के हालात को झेलने के लिए बनाया गया है। झंडे पर चमकता हुआ सूरज भगवान राम की काबिलियत और बहादुरी का प्रतीक माना जाता है। झंडे में ‘ओम’ का निशान और कोविदारा पेड़ की आउटलाइन भी है।

 

 

 

 

 

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