ट्रिब्यून टाइम्स न्यूज
कपूरथला, 19 सितम्बर
प्राचीन शिव मंदिर बगीची लाहौरी गेट में श्री राधा अष्टमी का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ मनाया गया। समारोह मंदिर की संचालिका सुश्री अनिता जोशी की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। इस अवसर पर मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया और भगवान श्री राधा-कृष्ण के मनमोहक दरबार को सुन्दर एवं रंग-बिरंगे फूलों से सजाकर भक्तिमय वातावरण बनाया गया। दरबार की अलौकिक छटा देखते ही बन रही थी तथा मंदिर में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को ऐसा अनुभव हो रहा था, मानो वे स्वयं ब्रजधाम की पावन भूमि पर पहुंच गए हों।
समारोह के दौरान मंदिर की महिला मंडली किरण बाला, मानसी शर्मा, मंजू शर्मा, दीक्षा कुमारी व अन्यों ने श्री राधा रानी एवं श्री कृष्ण जी के मधुर भजनों का गुणगान किया गया। भजनों की मधुर धुन और भक्तिरस से ओत-प्रोत वातावरण ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। जैसे-जैसे महिला मंडली द्वारा राधा-कृष्ण की महिमा का गुणगान किया गया, वैसे-वैसे मंदिर परिसर ‘राधे-राधे’ और ‘जय श्री कृष्ण’ के जयघोष से गूंजता रहा। अनेक श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर झूमने लगे और वातावरण पूरी तरह कृष्णमय हो गया।
श्री राधा अष्टमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए वक्ताओं सुश्री अनिता जोशी, राम इकबाल, बोबी पाजी व पंडित पीतम राम ने कहा कि राधा रानी केवल प्रेम और भक्ति की प्रतीक ही नहीं, बल्कि भगवान श्री कृष्ण की परम आराध्य शक्ति हैं। राधा नाम का स्मरण मनुष्य के जीवन में प्रेम, करुणा, समर्पण और आध्यात्मिक शांति का संचार करता है। सच्ची श्रद्धा के साथ राधा-कृष्ण का स्मरण करने से मन को सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है और भक्त का हृदय प्रभु भक्ति से भर जाता है।
वहीं समारोह के दौरान मंदिर में गूंजते भजनों, घंटियों की मधुर ध्वनि और भक्तों के जयकारों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। समारोह के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लिया और राधा रानी की भक्ति में स्वयं को समर्पित करते हुए पर्व की खुशियां साझा कीं। समारोह के समापन पर श्रद्धालुओं ने राधा-कृष्ण की आरती में भाग लेकर आशीर्वाद प्राप्त किया। आरती के उपरांत भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए दाल रोटी व जलेबियों का लंगर लगाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित रहे।
कैप्शन- भजनों का गायन करते हुए मंदिर की संचालिका सुश्री अनीता जोशी।
कैप्शन-पाठ के दौरान हाथ ऊपर कर जयघोष लगाते हुए भक्तजन।








