मोगा के गांव जलालाबाद पूर्वी में बुधवार देर शाम को करन ढाबे पर गोली लगने से 19 वर्षीय युवक संदीप सिंह की मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ढाबे पर मौजूद एक अन्य युवक विक्रम सिंह के हाथ में पिस्तौल थी। इसी दौरान अचानक गोली चल गई और संदीप की छाती में जा लगी। जख्मी संदीप सिंह को अस्पताल लेजाते समय रास्ते में मौत हो गई। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक संदीप सिंह पिछले करीब नौ वर्षों से जलालाबाद पूर्वी स्थित करन ढाबे पर काम कर रहा था। मृतक के रिश्तेदार तरसेम सिंह ने बताया कि बुधवार देर शाम संदीप ढाबे पर मौजूद था। इसी दौरान विक्रम सिंह नामक युवक भी वहां खड़ा था। जब विक्रम सिंह पिस्तौल संभाल रहा था, तभी अचानक गोली चल गई, जो सीधे संदीप की छाती में जा लगी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल होकर नीचे गिर पड़ा। घटना के बाद ढाबे पर अफरा–तफरी मच गई। ढाबे का मालिक गंभीर रूप से घायल संदीप को लेकर मोगा सिविल अस्पताल के लिए रवाना हुआ, लेकिन रास्ते में लौहारा चौक के पास ही संदीप ने दम तोड़ दिया। संदीप अपने माता–पिता का इकलौता बेटा था। उसके पिता कुलदीप सिंह मजदूरी करते हैं और गाड़ियां भरने का काम करके परिवार का पालन–पोषण करते हैं। संदीप की एक बहन भी है। बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे परिवार का रो–रोकर बुरा हाल है।घटना की सूचना मिलते ही धर्मकोट के डीएसपी सुखविंदर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोगा सिविल अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दिया। डीएसपी सुखविंदर सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि विक्रम सिंह पिस्तौल संभाल रहा था, तभी अचानक गोली चल गई। पुलिस ने ढाबे में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर कब्जे में ले लिया है और फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके। पुलिस के अनुसार, मृतक के परिजनों की शिकायत और बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।







