चार मई के बाद टीएमसी के गुंडों का चुन-चुनकर हिसाब होगा : प्रधानमंत्री मोदी

 

 

 

आरामबाग। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के लिए होने वाले मतदान से पहले रविवार को आरामबाग में ‘विजय संकल्प सभा’ को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले मैं सिंगूर आया था, उस समय मैंने टीएमसी की निर्मम सरकार के प्रति जनता का गुस्सा साफ-साफ देखा था। आज मैं फिर देख रहा हूं, वो गुस्सा अपने चरम पर पहुंच चुका है, और इस गुस्से में बंगाल का एक ही उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि 15 साल तक तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल के लोगों को लूटा, लेकिन ये लोग एक चीज भूल गए, जब अत्याचार की हद हो जाती है, तो जनता मां दुर्गा का रूप धरकर अन्याय का विसर्जन कर देती है। आज बंगाल के हर बूथ पर उमड़ता जनसैलाब कह रहा है, भय आउट, भरोसा इन। टीएमसी की निर्मम सरकार, नबन्ना सचिवालय से नहीं चलती है। इस सरकार को या तो गुंडे चलाते हैं या फिर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार हरकत में आती है। उन्होंने कहा कि मैंने कहा था कि बंगाल में मतदान के सभी पिछले रिकॉर्ड टूट जाएंगे, और बंगाल की जनता ने 23 अप्रैल को इसे सच कर दिखाया। अब आपको 23 अप्रैल को बने रिकॉर्ड को तोड़ना होगा। जनता के मिजाज का अंदाजा न लगा पाने वाले लोग भारी संख्या में मतदाताओं के आने से हैरान हैं। टीएमसी नेता चिंतित हैं क्योंकि उन्होंने इतनी भारी संख्या में मतदान की उम्मीद नहीं की थी।
उन्होंने कहा कि टीएमसी सरकार ने यहां अपने कुकर्मों से बंगाल की जनता का भरोसा खो दिया है, इसलिए लोग आए दिन कोर्ट-कचहरी जाने को मजबूर हैं। शिक्षक भर्ती घोटाला, टीएमसी के मंत्रियों ने भर्ती लूट ली, हजारों युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर दिया। संवेदनशील सरकार होती तो ईमानदारी से जांच करती, लेकिन कोर्ट को इस मामले में जांच के आदेश देने पड़े यानी टीएमसी सरकार की विश्वसनीयता शून्य है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2023 के पंचायत चुनावों के दौरान, जिनका संचालन राज्य सरकार द्वारा किया जाता है और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी उन्हीं के हाथों में होती है, न्यायालय इस बात से आश्वस्त हुआ कि टीएमसी सरकार सुरक्षा प्रदान करने में असमर्थ है, और इसलिए न्यायालय ने केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया। इसका अर्थ है कि टीएमसी की विश्वसनीयता शून्य है। एक अन्य उदाहरण संदेशखाली मामले की जांच है। इसमें भी न्यायालय ने टीएमसी सरकार पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि आज बंगाल की हर महिला कह रही है, अब और नहीं… अब 4 मई के बाद टीएमसी के हर गुंडे, हर अत्याचारी और हर भ्रष्टाचारी का हिसाब होगा, और चुन-चुन कर हिसाब होगा। नारी सशक्तीकरण हमारी सरकार की प्राथमिकता है। भाजपा, बहनों-बेटियों को नए अवसर देने में जुटी है। लखपति दीदी अभियान के पीछे यही सोच है। इसके तहत बंगाल की 75 लाख बहनों को यहां बनने वाली भाजपा सरकार मदद देगी ताकि वे लखपति दीदी बनें, ताकि वे हर साल एक लाख रुपए से अधिक कमा सकें। बंगाल की बेटियां अपने मन का रोजगार करें, इसके लिए उन्हें 20 लाख रुपए तक का मुद्रा लोन मिलेगा।
उन्होंने भरोसा जताया कि भाजपा सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में यहां ‘आयुष्मान भारत योजना’ लागू होने का फैसला होगा। इससे बहनों को पांच लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। बंगाल की महिलाओं ने अपना मन बना लिया है, और उनका आशीर्वाद भाजपा के साथ है। हर महिला टीएमसी की क्रूर सरकार के खिलाफ खड़ी है, और चुनाव के पहले चरण में हमें इसकी झलक देखने को मिली। बंगाल कभी महिला सशक्तीकरण का अगुआ हुआ करता था, लेकिन अब यहां बलात्कार और हत्याओं की खबरें आती हैं।

 

 

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