नई दिल्ली
नेपाल में आई अचानक बाढ़ और भीषण प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचाई है। संकट की इस गंभीर घड़ी में भारत ने अपने पड़ोसी धर्म को निभाते हुए तुरंत मदद का हाथ बढ़ाया है। नेपाल के रसुवा जिले और आसपास के इलाकों में बिगड़े हालात से निपटने के लिए भारतीय वायुसेना के परिवहन विमानों को तैयार रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, राहत सामग्री की 37.5 टन की दूसरी खेप नेपाल प्रशासन को सौंप दी गई है। इसमें आपातकालीन दवाएं, खाद्य पैकेट और मानवीय सहायता सामग्री शामिल है।इससे पहले भी भारत ने 10 टन जरूरी राहत सामग्री भेजी थी। अब तक नेपाल को 47.5 टन राहत सामग्री भेज चुका है। दो एयरक्राफ्ट्स से काठमांडू मदद भेजी गई है और लगातार सहायता जारी है। संकट के इस दौर में पीएम मोदी ने नेपाली प्रधानमंत्री से फोन पर बात कर जान–माल के भारी नुकसान पर गहरा दुख जताया। पीएम ने नेपाल को पूरा भरोसा दिलाया कि भारत इस कठिन समय में अपने पड़ोसी देश के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है।
जयशंकर ने भारतीय राजदूतों के साथ की बैठक
आपदा की गंभीरता को देखते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने काठमांडू और बीजिंग में तैनात भारतीय राजदूतों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कुशलक्षेम का पता लगाने के लिए प्रयास युद्धस्तर पर जारी हैं। भारतीय दूतावास लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है।








