महिला सिपाही और उसके बेटे की मौत हादसे में नहीं हत्या की

 

यूपी के रामपुर जिले में महिला सिपाही और उसके मासूम बेटे की मौत हादसे में नहीं हुई थी, बल्कि उनकी हत्या की गई थी। कार में ही सवार महिला सिपाही के पति ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे मार डाला था। आरोपी ने पत्नी को मारने के लिए पहले से ही तैयारी कर ली थी। उसने नैनीताल से आते समय बाजपुर में ही पत्नी और बेटे को कोल्ड ड्रिंक में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दी थीं। इसके बाद काशीपुर रोड पर कार में एक डंपर से हल्की टक्कर लगाई और दो दोस्तों से पेट्रोल मंगवाकर कार में आग लगा दी। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए महिला सिपाही के पति और उसके दो अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो साथी भागे हुए हैं। पुलिस का दावा है कि हत्या के पीछे पत्नी की मौत के बाद मिलने वाली डेढ़ करोड़ रुपये की सरकारी मदद को हड़पना था। पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा ने बताया कि सीतापुर निवासी लता ने वर्ष 2021 में मिलक के ग्राम बेहटरा निवासी दान सिंह के साथ लव मैरिज की थी। शादी के बाद से लता सीतापुर में रहने के लिए दान सिंह पर दबाव डाल रही थी। जिस पर उसने लता और बेटे लड्डू को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। उसने अपने इस प्लान में रवि के अलावा नूरहसन, प्रदीप कुमार और अब्दुल करीम को शामिल किया। फिर प्लान के तहत दान सिंह अपनी पत्नी लता और बेटे लड्डू को लेकर नैनीताल गया। साथ में रवि भी था। वापस आते समय बाजपुर के पास दान सिंह ने कार रोकी और दो कोल्डड्रिंक लीं। दोनों में उसने नींद की गोलियां मिला दीं फिर लता और लड्डू को दे दी। कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद दोनों बेहोश हो गए। इसके बाद दान सिंह ने जिस तरफ लता बैठी थी, वह साइड डंपर से अपनी कार टकरा दी, ताकि हादसा लगे। इसके बाद दान सिंह ने अपने साथी प्रदीप और सलमान को पेट्रोल लेकर बुलाया। दोनों ने कार पर पेट्रोल छिड़का और लाइटर से आग लगा दी। इसके बाद दान सिंह रवि कार से कूद गए। कुछ देर में ही कार जलने लगी। आग लगने के कारण लता होश में गई और कार से बाहर निकली तो बाहर एक पानी भरे गड्ढे में गिर गई। वहां भी दान सिंह ने उसका मुंह पानी में डुबाने की कोशिश की। इस दौरान लड्डू कार के अंदर ही जल गया। ग्रामीणों के आने और प्लान फेल होता देख दान सिंह ने फिर पैंतरा बदला, उसने एंबुलेंस से लता को ले जाने की बजाय दूसरी कार में बैठाकर वह संजीवनी अस्पताल की ओर चल दिया। रास्ते में कार में रखी हथौड़ी से दो वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया, एसपी ने बताया कि दान सिंह की लता के साथ दूसरी शादी थी। इससे पहले उसकी शादी शाहबाद थाना क्षेत्र के ग्राम पसतौर निवासी रजनी के साथ हुई थी। वर्ष 2015 में ग्राम रौरा कला में हुए सड़क हादसे में रजनी की मौत हो गई थी। गंज कोतवाली इलाके में काशीपुर गांव के पास 25 फरवरी की रात यह घटना हुई थी। एसपी के मुताबिक, किराये पर टैक्सी चलवाने वाला दान सिंह अपनी पत्नी लता सिंह, दो साल के बेटे लड्डू और मिलक कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जमापुर निवासी अपने रिश्तेदार रवि कुमार के साथ नैनीताल घूमने गया था। दान सिंह ने नैनीताल की ट्रिप के पीछे घर में नई कार आने की खुशी बताई थी। वहां से लौटते समय काशीपुर गांव के पास गुजरते डंपर द्वारा कार में साइड से टक्कर मार देने और उससे आग लग जाने के कारण पत्नी बेटे की मौत की बात कही थी। रास्ते के कैमरों की फुटेज, फोन कॉल डिटेल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मिले संकेतों के आधार पर पुलिस ने जांच की दिशा बदली तो दान सिंह की अपनों के कत्ल की साजिश का खुलासा हो गया। एसपी ने बताया कि पति दान सिंह उसके साथी टांडा थाना क्षेत्र के सोनकपुर निवासी नूर हसन और पटवाई थाना क्षेत्र के मदारपुर निवासी सलमान को गिरफ्तार कर लिया है। दान सिंह के रिश्तेदार जमापुर निवासी रवि और पनवड़िया निवासी प्रदीप की तलाश जारी है। एसपी ने बताया कि महिला सिपाही के वेतन का खाता बैंक आफ बड़ौदा में था, बैंक से महकमे के एमओयू के मुताबिक हादसे में खातेदार की मौत पर परिवार को एक से डेढ़ करोड़ रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाती है। इसके अलावा मौत के बाद सिपाही से जुड़े अन्य सरकारी भुगतान भी पति के हाथ आता। आरोपी दान सिंह ने इस रकम के लालच में हत्या की बात स्वीकार कर ली है।

 

 

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