जालंधर, एएसआई को पुलिस कमिश्नर ने किया बर्खास्त, दो अन्य पुलिसकर्मियों को किया सस्पेंड

 

 

जालंधर में 13 वर्ष की बच्ची की हत्या मामले में लापरवाही बरतने वाले एएसआई मंगत राम को पुलिस कमिश्नर ने नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। इसके अलावा दो अन्य पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। एडीसीपी-2 हरिंदर सिंह गिल ने बताया कि एएसआई मंगतराम घटना वाली रात ड्यूटी इंचार्ज था, उसने मौके पर जाकर घर की तलाशी ली और आरोपी से सेटिंग कर घर में बच्ची होने की बात लोगों से कही थी। मामले में दो पीसीआर कर्मी सस्पेंड किए गए हैं जो उस रात पैट्रोलिंग ड्यूटी पर थे और मौके पर मौजूद थे। पीड़ित परिवार की ओर से लगातार दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही थी। बीते दिन महिला आयोग और बाल आयोग के चेयरपर्सन ने कहा था कि संबंधित पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई होगी। बच्ची की हत्या के बाद लोगों में रोष लगातार बढ़ रहा है। अलगअलग सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने कैंडल मार्च निकालकर पीड़िता को इंसाफ दिलाने की मांग उठाई। महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल और बाल अधिकार आयोग के अध्यक्ष कंवरदीप सिंह पीड़ित परिवार से मिले और उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।लाली गिल ने कहा कि चार मरले के घर में पुलिस को बच्ची मिली कैसे नहीं। लड़की के लापता होने की शिकायत पर पुलिस वाले महिला पुलिसकर्मी को साथे लेकर क्यों नहीं आए। एएसआई के साथ आए पुलिसकर्मियों ने क्या किया, यह जांच का विषय है जिसकी कमिश्नर से रिपोर्ट मांगी जाएगी। जो पुलिसकर्मी पीड़ित के घर जांच के लिए आए थे, उनके खिलाफ केस दर्ज कर बर्खास्त करने के लिए लिखेंगे। जो बेटियों की सुरक्षा के साथ समझौता करे वह पुलिस में रहने के लायक नहीं। कंवरदीप सिंह ने कहा कि पॉक्सो एक्ट में आजीवन कारावास और फांसी का प्रावधान है। आयोग की कोशिश रहेगी कि आरोपी को कड़ी सजा मिले।दोपहर में भाजपा के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष अश्विनी शर्मा जालंधर पहुंचे। उन्होंने इस घटना को इंसानियत की हत्या बताया और पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। शर्मा ने कहा कि एक साल पहले पति को खोने वाली महिला ने बेटी को खो दिया, जिसका दुख कोई नहीं समझ सकता। उन्होंने कहा कि आरोपी को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। पंजाब में पिछले एक महीने में 13 के करीब दुष्कर्म के केस हो चुके हैं। गैंगस्टर व्यापारियों और आम लोगों को गोलियां मार रहे हैं लेकिन सरकार और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है।इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी, पूर्व सांसद सुशील रिंकू, पूर्व विधायक शीतल अंगुराल सहित कई नेताओं ने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। सभी ने आरोपी को जल्द सजा और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। अश्विनी शर्मा ने साफ कहा कि ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज होना बेहद शर्मनाक है। यह सरकार की कार्रवाई करने वाली मानसिकता को दर्शाता है।शाम को कैबिनेट मंत्री पंजाब मोहिंदर भगत, पंजाब टूरिज्म विभाग के सलाहकार दीपक बाली, जालंधर सेंट्रल हलका इंचार्ज नितिन कोहली, मेयर वनीत धीर, नकोदर विधायक इंद्रजीत कौर मान सहित कई नेता पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को हर संभव मदद सरकार तरफ से दी जाएगी। पीड़ित परिवार से जुड़ी सारी जानकारी मुख्यमंत्री भगवंत मान तक पहुंचाई जा रही है। हो सकता है जल्द मुख्यमंत्री पीड़ित परिवार से मिलने आएं।

 

 

 

 

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