अयोध्या / देवघर। रक्षाबंधन पर्व और सावन मास की पूर्णिमा के पावन अवसर पर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में आस्था का जबर्दस्त उल्लास देखने को मिल रहा है। रामनगरी अयोध्या में प्रभु श्रीराम के लिए उनकी बहन देवी शांता की ओर से केले के तने से बनी विशेष राखी भेंट की गई, वहीं झारखंड के देवघर स्थित प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर में सावन पूर्णिमा के साथ ही विश्वविख्यात श्रावणी मेले का शांतिपूर्ण व सफल समापन हुआ। अयोध्या: बहन शांता की ओर से आई अनोखी राखी, सरयू में श्रद्धालुओं का जनसैलाब केले के तने से बनी विशेष राखी: रक्षाबंधन के अवसर पर भगवान श्रीराम की बड़ी बहन देवी शांता की ओर से श्रद्धालुओं ने केले के तने से निर्मित एक विशेष और दिव्य राखी रामलला के लिए भिजवाई है, जिसे रक्षाबंधन के दिन विधि–विधान से रामलला को पहनाया जाएगा।
महंत कमलनयन दास का बयान: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत कमलनयन दास ने कहा कि यह पावन राखी भगवान राम की बहन शांता के यहां से आई है। उन्होंने कहा, “राखी एक बहुत बड़ा पर्व है, जिससे सामाजिक समरसता की स्थापना होती है।“
सरयू में आस्था की डुबकी: सावन पूर्णिमा के अवसर पर सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र सरयू नदी के विभिन्न घाटों पर स्नान–दान और पूजा–अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं।
देवघर: बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रावणी मेला संपन्न, भादो मास की भीड़ के लिए नई रणनीति
श्रावणी मेले का अंतिम दिन: सावन पूर्णिमा पर द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जलाभिषेक और दर्शन के लिए लाखों शिवभक्तों की भीड़ उमड़ी।
प्रशासन की तैयारी व सफल समापन: देवघर के एसडीएम (SDO) सह मंदिर प्रभारी रवि कुमार ने बताया कि वर्ष 2026 का श्रावणी मेला पूरी तरह सफल और शांतिपूर्ण रहा। मेले के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना दर्ज नहीं की गई। इस बार व्यवस्थाओं के तहत स्थानीय नागरिकों को भी सुगमता से दर्शन का अवसर मिला।
भादो मेले के लिए अर्घ्या व्यवस्था: एसडीएम रवि कुमार ने कहा कि सावन के बाद भादो मास में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है। जलाभिषेक के दौरान धक्का–मुक्की रोकने और सुगम दर्शन के लिए विशेष तिथियों पर अर्घ्या का समयकाल बढ़ाने को लेकर प्रशासन स्तर पर विचार और वार्ता जारी है।








