परविंदर सिंह झोटा को इंसाफ दिलाने के लिए चल रहे संघर्ष के 23वें दिन पंजाब सरकार और एक्शन कमेटी के बीच अहम सहमति बन गई। पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां, कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां और पुलिस के उच्च अधिकारियों के साथ एक्शन कमेटी की करीब 5 घंटे चली बैठक में जेल में बंद लाखा सिधाना समेत अन्य नेताओं की रिहाई और कई मांगों पर सहमति बनी। परिवार को 2 करोड़ रुपये मुआवजा और नौकरी देने का भरोसा दिया गया है। नेताओं की रिहाई के बाद झोटा का पोस्टमार्टम होगा और इसके अगले दिन अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं, 5 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। दलजीत सिंह भम्मे के परिवार को भी नौकरी और मुआवजा देने का भरोसा दिया गया है। एक्शन कमेटी के मीडिया इंचार्ज हरदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि बैठक के दौरान जेल में बंद लाखा सिधाना और अन्य नेताओं की रिहाई के मुद्दे पर कई घंटे तक पेच फंसा रहा। अन्य मांगों पर करीब सहमति बनने के बावजूद एक्शन कमेटी नेताओं की रिहाई के बिना पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं थी। सिद्धू के अनुसार, बैठक में ख्याला कलां में परविंदर सिंह झोटा के नाम पर ट्रॉमा सेंटर बनाने के लिए एक सप्ताह के भीतर मंजूरी देने पर सहमति बनी। इसके अलावा संबंधित पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के खिलाफ समयबद्ध उच्च स्तरीय जांच करवाने तथा झोटा के परिवार को नौकरी और मुआवजा देने का भरोसा दिया गया।
परिवार के अनुसार, झोटा की याद में प्रतिमा लगाने पर भी सहमति बन गई है, लेकिन घटनास्थल पर प्रतिमा स्थापित करने को लेकर सहमति नहीं बन सकी। सरकार के प्रतिनिधियों का कहना था कि घटनास्थल निजी संपत्ति होने के कारण वहां प्रतिमा लगाने में कानूनी अड़चन आ सकती है। सिद्धू ने बताया कि एक्शन कमेटी ने गिरफ्तार नेताओं की बिना शर्त रिहाई और उनके खिलाफ दर्ज मामले रद्द करने की मांग रखी। कमेटी की मांगों में 13 अक्टूबर से शुरू हुए संघर्ष के दौरान भम्मे कलां, बुढलाडा और अकालिया से संबंधित दर्ज मामले शामिल हैं। इसके अलावा पंजाब भर में फ्लेक्स फाड़ने के आरोप में दर्ज मामले तथा झोटा के पिता और एंटी ड्रग टास्क फोर्स के कार्यकर्ताओं के खिलाफ पहले से दर्ज कथित झूठे मामले रद्द करने की मांग भी रखी गई। बैठक में परिवार की ओर से भीम सिंह फौजी, बीबी मनप्रीत कौर और सूबेदार हरप्रीत सिंह मौजूद रहे। नशा विरोधी टास्क फोर्स के नेता गगनदीप सिरसीवाला, अमन पटवारी, कुलविंदर सिंह सुखी और भूपिंदर सिंह रूबी भी शामिल हुए।






