बांग्लादेश के यूनुस को ड्रैगन की लताड़, जिनपिंग ने भारत की ओर बढ़ाया दोस्ती का हाथ

 

बीजिंग——–एक दिन पहले ही जिनपिंग के गढ़ में जाकर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया यूनुस भारत पर ज्ञान की गंगा बहा रहे थे, लेकिन अब कहा जा सकता है कि उनका सारा ज्ञान धरा का धरा रह गया, क्योंकि अब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया है और संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मंगलवार को कहा कि चीन भारत के साथ मिलकर सीमा क्षेत्र में शांति और स्थिरता की रक्षा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि भारत और चीन के लिए साझा उपलब्धियों का भागीदार बनना सही विकल्प है।चीनी राष्ट्रपति की यह टिप्पणी ऐसे वक्त में आई है, जब 2020 में पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध के कारण चार सालों से तनावपूर्ण चल रहे रिश्तों में अब सुधार रहा है। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को बधाई संदेश में शी ने कहा कि भारतचीन संबंधों कोड्रैगनहाथी टैंगोका रूप लेना चाहिए। ड्रैगन चीन और हाथी भारत का प्रतीक माना जाता है।शी ने कहा कि दोनों देशों को द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक ऊंचाई तक ले जाना चाहिए और एकदूसरे के साथ मिलकर शांतिपूर्ण सहअस्तित्व, आपसी विश्वास, आपसी लाभ के लिए काम करना चाहिए। शी ने कहा कि दोनों देशों को मिलकर बहुध्रुवीय दुनिया और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में लोकतंत्र को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि चीनभारत संबंधों का आगे बढऩा दिखाता है कि चीन और भारत के लिए एकदूसरे की उपलब्धियों में भागीदार बनना और ड्रैगनहाथी टैंगो को साकार करना सही विकल्प है। यह दोनों देशों और उनके लोगों को फायदा पहुंचाता है।राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ पर शी ने कहा कि वे राष्ट्रपति मुर्मू के साथ मिलकर विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने, प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मामलों में वार्ता बढ़ाने और भारतचीन सीमा क्षेत्र में शांति और स्थिरता की रक्षा के लिए तैयार हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि दोनों देशों को विश्व शांति और समृद्धि में योगदान देना चाहिए। भारत और चीन को प्राचीन सभ्यताएं बताते हुए शी ने कहा कि दोनों देश प्रमुख विकासशील देश हैं और ग्लोबल साउथ के अहम सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश अपनेअपने आधुनिकीकरण के महत्त्वपूर्ण चरण में हैं।

 

 

 

 

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