ट्रिब्यून टाइम्स न्यूज :
नई दिल्ली, 25 अप्रैल 2026
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका ने आज यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि आज दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की एक विशेष बैठक बुलाई गई थी। सभी सदस्यों को आमंत्रित किया गया था, चाहे वे हमारी पार्टी से संबंधित हों या किसी दूसरी पार्टी से। इस बैठक में 38 सदस्य शामिल हुए।
उन्होंने बताया कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की बैठक का एजेंडा लिखित रूप में 15 दिन पहले भेजा गया था। इसमें पहला बिंदु 25 अक्टूबर 2025 को हुई कार्रवाई की पुष्टि से संबंधित था। दूसरा बिंदु श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार द्वारा जिस प्रकार से दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को बुलाया गया था और उस कार्रवाई पर जो आपत्ति जताई गई थी, उस पर उनके साथ विचार–विमर्श किया गया। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने यह मुद्दा संगत के साथ विचार करने के लिए रखा।
तीसरा बिंदु स्कूलों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर करने और स्टाफ को उनका बनता हुआ बकाया, यानी एरियर, दिलाने से संबंधित था। कमेटी ने अदालत में जो मामला दायर किया था, उसकी जानकारी भी सभी सदस्यों को दी गई। सभी को, यानी हमारे साथियों को भी और विपक्षियों को भी, यह बताया गया कि यदि किसी को इस पर कोई आपत्ति है तो वह दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से बात करे।
जब पहले एजेंडे पर चर्चा शुरू हुई, उससे पहले हमने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार साहिब से संबंधित मुद्दा उठाया। हमने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार साहिब ने पिछली बैठक में, क्योंकि हमें कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला था और बैठक शुरू होने के बाद एक सदस्य के माध्यम से निमंत्रण भेजा गया था, कमेटी की बैठक को स्थगित करने को कहा था। इसके बाद जब हम व्यक्तिगत रूप से उनसे मिले, तो उन्होंने हमें कहा था कि इसे अगली कार्रवाई में पारित कर दें। इसलिए हमने वह एजेंडा रखा और सभी सदस्यों ने यह बात रखी कि जत्थेदार साहिब को पूरी जानकारी भेजी जाए कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी संगत द्वारा चुनी हुई कमेटी है, जिसका उद्देश्य गुरुद्वारों की सेवा करना और धर्म के प्रचार–प्रसार का कार्य करना है। यह बैठक कमेटी चलाने के लिए है, न कि यहां व्यापारिकरण करने या अपने परिवारों और बच्चों के नाम पर कंपनियां बनाकर लाभ कमाने के लिए।
इसी कारण दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सभी सदस्यों ने यह फैसला लिया कि 25 अक्टूबर की कार्रवाई, जिसे हमने एजेंडे के रूप में पारित किया था, उसे श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार साहिब को भी नोट करके रखने और देखने के लिए अनुरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इतने बड़े अपराध, और विशेष रूप से 25 अक्टूबर की कार्रवाई के बाद, नवंबर महीने में सरदार मंजीत सिंह जीके के खिलाफ दर्ज एफआईआर में उन्हें 50 हजार रुपये की जमानत लेनी पड़ी। यह जानकारी दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पहले ही प्रेस के माध्यम से लोगों तक पहुंचा चुकी है। अदालत ने आदेश दिए हैं कि वे देश को बिना सूचना दिए न छोड़ें और हर पेशी पर स्वयं अदालत में उपस्थित हों।
उन्होंने कहा कि ये सभी बातें दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के इतिहास में पहले कभी नहीं हुईं कि किसी पूर्व अध्यक्ष पर चोरी के आरोप लगें, गुरुद्वारा फंड बाहर ले जाने के आरोप लगें, और उन आरोपों के आधार पर एफआईआर दर्ज हों। इसलिए इन सभी प्रस्तावों को दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सभी 38 सदस्यों ने सर्वसम्मति से पारित किया। साथ ही श्री अकाल तख्त साहिब को अनुरोध भेजने के लिए यह भी तय किया गया कि आगे की कार्रवाई के बारे में भी उन्हें पूरी जानकारी दी जाएगी।
इसके बाद स्कूलों के स्टाफ के साथ किए गए एमओयू के बारे में पूरी जानकारी महासचिव द्वारा दी गई। पिछली बैठक की सारी कार्यवाही सुनने के बाद, एमओयू के मुद्दे पर भी दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सभी सदस्यों ने कमेटी की प्रशंसा की और कहा कि ऐसा काम पहले कभी नहीं हुआ, जो आज यह कमेटी कर रही है। सभी ने इस बात पर सहमति जताई कि कमेटी ने स्कूल स्टाफ के हक में जो फैसले लिए हैं, वे सही हैं, क्योंकि उन कर्मचारियों को पिछले 20-20 वर्षों से परेशान किया जा रहा था। आज हमें खुशी है कि सभी मुद्दे पारित हुए।
साथ ही वरिष्ठ सदस्य बीबी रणजीत कौर ने भी यह मुद्दा उठाया कि पूर्व अध्यक्ष सरदार परमजीत सिंह सरना द्वारा जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है और जिस तरह उन्होंने बंगला साहिब की छत से खड़े होकर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों की खरीद–फरोख्त के लिए लाखों रुपये दिए जा रहे हैं, इस पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार साहिब को संज्ञान लेना चाहिए और उन्हें सजा देनी चाहिए, ताकि कोई दोबारा किसी सदस्य को पैसे देने की हिम्मत न कर सके। उन्होंने कहा कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी इस संबंध में कानूनी कार्रवाई कर रही है।
सरदार हरमीत सिंह कालका ने कहा कि परमजीत सिंह सरना ने बतौर पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान में उनके विरुद्ध जिस तरह की शब्दावली एक इंटरव्यू में इस्तेमाल की है, उस पर श्री अकाल तख्त साहिब से मांग की गई है कि 11 सदस्यीय कमेटी बनाकर भेजी जाए, जो जत्थेदार अकाल तख्त साहिब को इनकी शब्दावली और कार्यशैली के बारे में पूरी जानकारी दे सके।
उन्होंने कहा कि बैठक बड़े अच्छे माहौल में संपन्न हुई और सभी फैसलों पर 38 सदस्यों ने मुहर लगा दी। उन्होंने कहा कि ये लोग गुरुघर के दोषी हैं। उन्हें संगत ने जो जिम्मेदारियां दी थीं, उनका इन्होंने दुरुपयोग किया। गुरुघर की सेवा करने के बजाय इन्होंने अपने परिवारों और अपने बच्चों के नाम पर चल रही कंपनियों के जरिए व्यापार किया। इसलिए इनकी निंदा करते हुए इनकी सदस्यता रद्द की जाती है।














