चंडीगढ़ । आप राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा और छह अन्य सांसदों के भाजपा में शामिल होने पर पंजाब सरकार के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़ी थी, वो आज राजनीति से खत्म हो गए, इसीलिए इन लोगों के साथ भी वही होगा। मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले नेताओं का राजनीतिक भविष्य अक्सर कमजोर हो जाता है। उन्होंने दावा किया कि 2022 से पहले पंजाब में आम आदमी पार्टी के 22 विधायक थे, जिनमें से 12 ने पार्टी छोड़ दी थी, लेकिन बाद में चुनाव में उनकी जमानत जब्त हो गई। जो नेता पार्टी में बने रहे, वे भारी बहुमत से जीतकर विधानसभा पहुंचे।” चीमा ने भाजपा पर भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के सात नेताओं का भाजपा में शामिल होना इस बात का संकेत है कि भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास नहीं रखती।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संविधान का सम्मान नहीं करती और उसे कमजोर करने की कोशिश कर रही है। इस संदर्भ में उन्होंने भीमराव अंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस संविधान ने देश को दिशा दी, उसी को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों ने देश की आजादी के लिए बड़ी कुर्बानियां दी हैं और उनके भीतर लोकतंत्र की रक्षा का जज्बा आज भी मौजूद है। उनकी पार्टी और राज्य के लोग लोकतंत्र को बचाने के लिए हरसंभव संघर्ष करने को तैयार हैं।
दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए चीमा ने कहा कि जब कोई व्यक्ति सरकारी आवास में सामान्य सुधार कराता है, तो विपक्ष उसे बढ़ा–चढ़ाकर “शीश महल” जैसे शब्दों से प्रचारित करता है।
उन्होंने इसे राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया और कहा कि इस तरह के आरोपों का उद्देश्य जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटकाना है।
दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि आज एक बार फिर आपके सामने वे लोग हैं, जो दिल्ली की जनता को धोखा देते आ रहे हैं। अन्ना आंदोलन का सहारा लेकर, महात्मा गांधी, शहीद भगत सिंह और बाबासाहेब अंबेडकर की तस्वीरों का सहारा लेकर, आम आदमी पार्टी की टोपी पहनकर जिन्होंने एक रुपए के स्टांप पेपर पर यह हलफनामा दिया था कि “मैं सरकारी घर नहीं लूंगा, बंगला नहीं लूंगा, गाड़ी नहीं लूंगा“, जो अपने बच्चों की झूठी कसम खाते हैं। दिल्ली के ‘रहमान डकैत‘ निकले हैं।














