वाशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के समर्थन में किए प्रचार से हुए फायदे का जिक्र किया है। उनकी बढ़त से उत्साहित ट्रंप ने दावा किया कि उनके एक ऐलान से इजरायली नेता की चुनावी स्थिति में सुधार हुआ। इजरायल नेसेट चुनाव की मतगणना के शुरुआती आंकड़ों में नेतन्याहू के समर्थक खेमे को 57 सीटों पर बढ़त मिली है, जबकि उनके विरोधी खेमे को 47 सीटें मिली हैं। ट्रंप ने बुधवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट साझा की। दावा किया कि नेतन्याहू के समर्थन में अमेरिकी राष्ट्रपति की घोषणा के बाद चुनावी माहौल बदल गया। पहले निर्णायक हार की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन अब मुकाबला बराबरी का हो गया है या वह जीत भी सकते हैं।
इर्विंग सी. श्वार्ट्ज को कोट (हवाले से) करते हुए अपनी पीठ थपथपाई। लिखा, “जब राष्ट्रपति ट्रंप ने बीबी नेतन्याहू का समर्थन किया, तो पूरी स्थिति ही बदल गई। अब, एक महान प्रधानमंत्री की करारी हार के बजाय, ऐसा लग रहा है कि नेतन्याहू ने बराबरी की स्थिति हासिल कर ली है, या शायद यह उनके लिए एक जीत ही है! यह सब राष्ट्रपति ट्रंप के समर्थन के बाद हुआ, जो केवल मध्य पूर्व, इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका के भले के लिए काम करना चाहते हैं!”
इजरायल के केंद्रीय चुनाव आयोग के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, सुबह 5.58 बजे तक 41.9 प्रतिशत मतपेटियों की गिनती पूरी हो चुकी थी। इन आंकड़ों में नेतन्याहू समर्थक खेमे को 57 सीटें और उनके विरोधी खेमे को 47 सीटें मिलीं। मुख्य रूप से अरब दलों वाले जॉइंट लिस्ट और राम गुटों के खाते में संयुक्त रूप से 16 सीटें थीं।
ये आंकड़े शुरुआती हैं और मतगणना आगे बढ़ने के साथ इनमें बदलाव हो सकता है। सैनिकों के मतों सहित दोहरे लिफाफों में डाले गए मतों की गिनती बाद में की जाती है।
इस बीच, कुछ दल फिलहाल संसद में प्रतिनिधित्व के लिए जरूरी 3.25 प्रतिशत मतों की सीमा से नीचे हैं। इनमें रिजर्विस्ट्स को 2.7 प्रतिशत, पीपल ऑफ इजरायल को 1.8 प्रतिशत और चारेदी पब्लिक को 0.3 प्रतिशत मत मिले थे।
मतगणना पूरी होने और अंतिम सीटों का बंटवारा सामने आने के बाद ही इजरायल की संसद में विभिन्न राजनीतिक खेमों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।






