ट्रिब्यून टाइम्स न्यूज :
कपूरथला 11 अप्रैल ,
पंजाब में लंबे समय से 10 और 20 रुपये के नोटों की भारी कमी से उत्पन्न स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए सामाजिक कार्यकर्ताओ व विश्व हिन्दू परिषद के जिला अध्क्ष्य जीवन प्रकाश वालिया,जिला सह मंत्री अशोक कुमार व जिला सत्संग प्रमुख मनमोहन जोशी ने कहा कि बाजार में छोटे नोटों की कमी ने न केवल व्यापारियों बल्कि आम जनता और युवाओं के दैनिक कामकाज को भी बुरी तरह प्रभावित किया है।विहिप नेताओ ने कहा कि जब 10 और 20 रुपये जैसे बुनियादी नोट बाजार से गायब है,तो खुदरा व्यापार कैसे चलेगा?आज एक छोटा दुकानदार,गली विक्रेता और आम ग्राहक छोटे नोटों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।इससे बाजार की तरलता नष्ट हो रही है।विहिप नेताओ ने बैंकिंग प्रणाली के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी खबरें चिंताजनक हैं कि कुछ बैंक कर्मचारी नए और साफ नोटों के वितरण में पक्षपात कर रहे हैं।विहिप नेताओ ने आरोप लगाया कि आम लोगों को यह कहकर बैंकों से लौटा दिया जा रहा है कि उनके पास नोट नहीं हैं,जबकि कथित तौर पर यह मुद्रा आसानी से चुनिंदा लोगों या पसंदीदा लोगों तक पहुंच रही है।विहिप नेताओ ने मांग की कि सरकार और रिजर्व बैंक को इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करनी चाहिए।अंत में विहिप नेताओ ने कहा कि यह केवल एक व्यावसायिक मुद्दा नहीं है,बल्कि एक सामाजिक समस्या बन गई है।यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और भी गंभीर हो जाएगी, जिसके लिए प्रशासन प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार होगा।
डिजिटल इंडिया और जमीनी हकीकत
विहिप नेताओ ने कहा कि भले ही हम डिजिटल भुगतान की ओर बढ़ रहे हैं,लेकिन पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे कस्बों में आज भी 10-20 रुपये के नोट ही अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।क्या कोई मजदूर या बुजुर्ग व्यक्ति हर छोटी-मोटी खरीदारी के लिए मोबाइल ऐप पर निर्भर रह सकता है?बिलकुल नहीं।नकदी की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।विहिप नेताओ ने सरकार और बैंकिंग अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगर आने वाले दिनों में इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया,तो समस्या गंभीर हो सकती है।
विशेष निवेदन करते हुए विहिप नेताओ ने कहा कि बैंकों में छोटे नोटों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध कराया जाना चाहिए। नोटों के वितरण में पारदर्शिता लाई जानी चाहिए।क्षतिग्रस्त नोटों के स्थान पर तुरंत नए नोट बाजार में जारी किए जाने चाहिए।












