बहरीन से आई महिला के साथ दुष्कर्म मामले में बनाई गई जांच कमेटी की ओर से अपनी रिपोर्ट मंगलवार को एजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी को सौंपी गई। रिपोर्ट के आधार पर धामी ने सराय के रजिस्टर और अन्य रिकॉर्ड में छेड़छाड़ किए जाने की बात कही है। जांच कमेटी की रिपोर्ट पर पूर्व मैनेजर और सराय इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है। धामी ने महिला को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के मामले में कहा कि धर्म-अर्थ फंड से जरूरतमंदों को सहायता दी जाती है। महिला ने बीमारी और इलाज का हवाला देकर आवेदन दिया था। इसके साथ सरकारी अस्पताल और डिस्पेंसरी के मेडिकल दस्तावेज लगाए गए थे, जिसके आधार पर अंतिरम कमेटी ने सहायता मंजूर की। उन्होंने आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता बलतेज पन्नू की ओर से महिला के फोन रिकॉर्ड सार्वजनिक करने पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस जांच के दौरान इस तरह की जानकारी सार्वजनिक करना उचित नहीं है। धामी ने महिला से मुलाकात करने संबंधी लगाए गए आरोपों से भी इनकार किया। धामी ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले सोशल मीडिया पर राजनीतिक ट्रायल चलाकर सिख संस्था को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने मामले की पूरी जांच सीबीआई से करवाने की मांग दोहराई।एसजीपीसी के सचिव बलविंदर सिंह काहलवां ने बताया कि जांच कमेटी की सिफारिश पर तख्त श्री केसगढ़ साहिब के पूर्व मैनेजर मलकीत सिंह और सराय के इंचार्ज अमरीक सिंह को ड्यूटी में लापरवाही तथा रजिस्टर के रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। सराय में हेल्पर के तौर पर तैनात भाई प्रभजोत सिंह का तबादला किया गया है। मामले में विभागीय जांच आगे भी जारी रखने के आदेश दिए गए हैं। धामी ने बताया कि जांच में सामने आया कि संबंधित महिला ने अलग-अलग समय में श्री आनंदपुर साहिब, श्री अमृतसर और गुरुद्वारा श्री अंब साहिब मोहाली की सराय में कमरा लेकर ठहराव किया। रिकॉर्ड के अनुसार, श्री आनंदपुर साहिब में सात बार और श्री अमृतसर में भी सात बार भेंटा जमा करवाकर कमरा लिया गया। मोहाली में भी दो बार ठहरने का रिकॉर्ड मिला है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान सराय के इंचार्ज अमरीक सिंह की ओर से रजिस्टर में बाद में कुछ छेड़छाड़ किए जाने की बात सामने आई। रजिस्टर में लिखावट और सीरियल नंबरों में भी छेड़छाड़ के संकेत मिले हैं। ऐसे में लिखावट की जांच भी करवाई जाएगी।





