कपूरथला
शिवसेना बाला साहिब ठाकरे शिंदे ग्रुप के प्रदेश नेताओ की अनदेखी के कारण शिवसेना बाला साहिबठाकरे शिंदे ग्रुप के जिलाध्क्षय रहे मुकेश कश्यप द्वारा अस्तीफा देने के बाद शिव सेना पंजाब में शामिल होने की बात जब राष्ट्रीय नेतृत्व के पास पहुंची तो राष्ट्रीय नेतृत्व ने तुरंत प्रभाव से पार्टी के पूरी ईमानदारी और निष्ठा से पार्टी के लिए दिन रात काम करने वाले मुकेश कश्यप को मना कर और हर पदाधिकारी और कार्यकर्ता को पूरा मान सन्मान देने के भरोसा देते हुए घर वापसी करवाई।इस दौरान अमृतसर कार्यालय में प्रदेश संगठन मंत्री राजेंद्र शर्मा के साथ हुई विशेष बैठक के दौरान मुकेश कश्यप और शिव सेना के सीनियर नेता परवीन कुमार को पार्टी का सिरोपा डालकर घर वापसी करवाई गई।इस दौरान प्रदेश संगठन मंत्री राजेंद्र शर्मा ने एलान करते हुए बताया मुकेश कश्यप और उनकी टीम ने पिछले दिनों पार्टी को छोड़ने का त्यागपत्र दिया था उसे नामंजूर किया जाता है क्योंकि पार्टी संविधान मुताबिक किसी राज्य,पार्टी प्रमुख के पास किसी भी नेता को पार्टी से हटाने का अधिकार नहीं है,इसलिए कपूरथला के जिला प्रधान मुकेश कश्यप और उनकी टीम का दिया गया त्यागपत्र ना मंजूर किया जाता है,जिसकी रिपोर्ट हाईकमान को भेज दी गई है।उन्होंने कहा कि मुकेश कश्यप और उनकी टीम पहले की भांति पार्टी के जिले के वरिष्ठ नेता और जिलाध्क्षय के तौर पर पहले की तरह काम करते रहेंगे।उन्होंने कहा कि हम आशा करते हैं कि मुकेश कश्यप अपनी कपूरथला की पूरी टीम के साथ शिवसेना शिंदे की नीतियों को घर-घर पहुंचाएंगे।राजेंद्र शर्मा ने कहा कि मुकेश कश्यप का शिव सेना शिंदे के साथ रहना शिवसेना शिंदे के लिए अहम है।क्योंकि शिवसेना शिंदे की नीतियां शुरू से ही हिदू धर्म के प्रति रही है और रहेगी।इस अवसर पर मुकेश कश्यप ने कहा कि शिव सेना बाला साहिब ठाकरे शिंदे ग्रुप की नीतिओ को घर-घर तक पहुँचाने और अधिक से अधिक युवाओ को शिव सेना शिंदे से जोड़ने की रणनीति पर काम किया जायेगा।मुकेश कश्यप ने कहा कि आज हिंदू समाज विभाजन,आक्रमण और अपनी निष्क्रियता से उत्पन्न कई चुनौतियों का सामना कर रहा है।इस महत्वपूर्ण समय में हमें यह समझने की आवश्यकता है कि यदि हम एकजुट नहीं हुए,तो हमारी संस्कृति,धर्म और अस्तित्व को गहरी क्षति पहुंच सकती है।यह समय जागरूक होने और संगठित प्रयास करने का है।उन्होंने कहा कि आज हिंदू समाज को जाति,भाषा और क्षेत्र के आधार पर विभाजित किया जा रहा है।यह एक लंबी रणनीति है,जिसका उपयोग कुछ राजनीतिक दल और बाहरी शक्तियां हमारे खिलाफ कर रही हैं।स्वतंत्रता के बाद से हम बार-बार सेक्युलरिज़्म के नाम पर ऐसी नीतियों को समर्थन देते आ रहे हैं,जिन्होंने हिंदू समाज को कमजोर किया है।उन्होंने कहा कि बंदरों के समुदाय का उदाहरण लें,जिन्होंने एकजुट होकर अपने बच्चे पर हुए हमले का बदला लिया।हमें उनसे सीखने की जरूरत है।हिंदू समाज,जो दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक समुदाय है,यदि संगठित हो जाए,तो किसी भी आक्रमणकारी शक्ति को पराजित कर सकता है।लेकिन अगर हम निष्क्रिय बने रहेंगे, तो संख्या में विशाल होने के बावजूद हमारी शक्ति का कोई उपयोग नहीं होगा।उन्होंने कहा कि मौकापरस्त जो देश का हमारे पंजाब का माहौल खराब करना चाहते हैं।उनके लिए शिवसेना शिंदे किसी खतरे से कम नहीं है।आम जनता का विश्वास शिव सेना शिंदे जीतने में कामयाब हो रही है और होती रहेगी।














