बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का राजस्थान से रिश्ता केवल पर्दे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि फिल्मों, लोकेशन और राजनीति—तीनों स्तरों पर उनका संबंध बेहद गहरा रहा। ‘गुलामी’, ‘बंटवारा’ ‘समाधि’ और ‘मेरा गांव मेरा देश’ जैसी कई प्रसिद्ध फिल्मों की शूटिंग राजस्थान की धरती पर हुई, जिसने धर्मेंद्र की सिनेमाई यात्रा को एक खास आयाम दिया। धर्मेंद्र की लोकप्रिय फिल्म ‘गुलामी’ की शूटिंग 1985 में रामगढ़ शेखावाटी में हुई थी, जबकि ‘राजपूत’ और ‘बंटवारा’ जैसी फिल्मों के कई अहम दृश्य उदयपुर, जयपुर और शेखावाटी क्षेत्र की लोकेशनों पर फिल्माए गए। मेरा गांव मेरा देश की शूटिंग उदयपुर के पास चीरवा गांव में हुई थी। समाधि फिल्म भी उदयपुर में फिल्माई गई थी। जयपुर जिले के महार कला, समोद, रडवास और अमरसर जैसे गांवों ने ‘मेरा गांव मेरा देश’ और अन्य फिल्मों के कई यादगार सीन्स को अपनी पृष्ठभूमि दी।राजस्थान की ग्रामीण बनावट, मिट्टी और रेतीला परिदृश्य धर्मेंद्र की फिल्मों के माहौल के साथ इतनी सहजता से घुल–मिल गया कि आज भी दर्शकों को उनके दृश्य स्पष्ट याद हैं।जयपुर जंक्शन पर हुई थी ‘बड़ा आदमी’ की शूटिंग
धर्मेंद्र की शुरुआती फिल्मों में शामिल ‘बड़ा आदमी’ (1961) की शूटिंग जयपुर जंक्शन पर की गई थी। जोधपुर और जयपुर के किलों में ‘धर्मवीर’ फिल्म के एक्शन दृश्य फिल्माए गए। इसके अलावा ‘बागी’, ‘लोहा’ और ‘फूल और पत्थर’ जैसी फिल्मों के कई सीन राजस्थान की अनोखी लोकेशनों पर शूट किए गए, जो इन फिल्मों की खासियत बन गए।राजस्थान में मिला सम्मान और बढ़ती लोकप्रियताफिल्मी संबंधों से आगे बढ़कर धर्मेंद्र को राजस्थान में कला और संस्कृति के क्षेत्र में भी सम्मान मिला। उन्हें राजस्थान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (RIFF) में लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।उनकी लोकप्रियता का एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि जयपुर के मशहूर राज मंदिर सिनेमा में निर्माण के बाद जो पहली फिल्म लगी थी, वह धर्मेंद्र की ‘चरस’ थी—और यह फिल्म हाउसफुल रही।सांसद के रूप में भी रहा राजस्थान से जुड़ावफिल्मी दुनिया के साथ–साथ धर्मेंद्र का राजनीतिक जुड़ाव भी राजस्थान से मजबूती से रहा। वे बीकानेर से सांसद चुने गए और यहां के लोगों से गहरा आत्मीय रिश्ता बनाए रखा।लोगों के दिलों में आज भी जिंदा है उनका सादगी भरा व्यक्तित्वधर्मेंद्र सिर्फ बड़े पर्दे के हीरो नहीं थे, बल्कि अपनी सरलता, विनम्रता और सहज स्वभाव की वजह से भी लोगों के दिलों पर राज करते थे। उनके निधन के साथ भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिसके अभिनय की मजबूती और इंसानियत की गर्माहट दोनों सदैव याद की जाएंगी।अलविदा धर्मेंद्र…राजस्थान की रेत आज एक अपने कलाकार को विदा कर रही है।














