लुधियाना। नगर निगम (लुधियाना ईस्ट) ने बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ड्यूटी से नदारद रहने वाले 44 शिक्षकों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर के कार्यालय द्वारा जारी आदेशों में इन शिक्षकों को 24 अप्रैल को हर हाल में ड्यूटी पर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि ड्यूटी जॉइन न करने की स्थिति में वेतन रोका जाएगा और संबंधित शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई जा सकती है। ये सभी शिक्षक स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के तहत चुनाव संबंधी कार्यों के लिए नियुक्त किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि बार–बार निर्देश दिए जाने के बावजूद ये शिक्षक अपनी ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हो रहे थे, जिसे सर्विस रूल्स का गंभीर उल्लंघन माना गया है। इस आदेश के बाद शिक्षक वर्ग में भारी रोष है। शिक्षकों का तर्क है कि उन पर पहले से ही काम का अत्यधिक बोझ है। जमालपुर अवाना के एक सरकारी स्कूल के शिक्षक ने बताया कि वे ब्लॉक स्तर की जिम्मेदारियों के साथ–साथ ‘सिख्या क्रांति‘ कार्यक्रम के कोऑर्डिनेटर के रूप में भी कार्यरत हैं। इसके बावजूद उन्हें नई ड्यूटी सौंपी जा रही है।
नाराजगी का एक बड़ा कारण यह भी है कि मातृत्व अवकाश (मटेरनिटी लीव) पर चल रही एक शिक्षिका को भी बीएलओ ड्यूटी पर तैनात कर दिया गया है। शिक्षकों का कहना है कि दाखिले (एडमिशन) के पीक सीजन में इस तरह की अनिवार्य ड्यूटियों से स्कूलों का शैक्षणिक कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
डिप्टी डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर (एलीमेंट्री) मनोज कुमार ने शिक्षकों की समस्याओं को स्वीकार किया है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि बीएलओ और जनगणना जैसे कार्य अनिवार्य और बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने ब्लॉक प्राइमरी एजुकेशन ऑफिसर्स को निर्देश दिए हैं कि वे शिक्षकों को स्कूल से रिलीव कर चुनाव कार्यों में भेजें।













