मजदूरों की रिहाई और न्यूनतम वेतन के संघर्ष का आरसीएफ एम्पलाइज यूनियन ने किया समर्थन;

 

 

ट्रिब्यून  टाइम्स  न्यूज :

 

कपूरथला: उत्तर प्रदेश के नोएडा में अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे मजदूरों पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा किए गए बर्बर लाठीचार्ज और बड़े स्तर पर की गई गिरफ्तारियों के खिलाफ आरसीएफ एम्पलाइज यूनियन (कपूरथला) में भारी रोष व्याप्त है। आरसीएफ एम्पलाइज यूनियन ने इस पूरी घटना को लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन और मजदूर वर्ग की आवाज को कुचलने की एक गहरी साजिश करार दिया है।

​इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आरसीएफ एम्पलाइज यूनियन के प्रधान अमरीक सिंह ने एक विस्तृत बयान जारी कर उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि नोएडा के मजदूर पिछले लंबे समय से अमानवीय कार्य स्थितियों के खिलाफ संघर्ष कर रहे थे। उनकी मांग अत्यंत तर्कसंगत और कानूनी है, जिसमें वे 12 घंटे की कमरतोड़ ड्यूटी के बजाय निर्धारित 8 घंटे काम और जीवन निर्वाह के लिए कम से कम 26 हजार रुपये मासिक मानदेय की मांग कर रहे थे। लेकिन बड़े औद्योगिक घरानों के दबाव में काम कर रही योगी सरकार ने इन गरीब मजदूरों की आवाज सुनने के बजाय उन पर पुलिस के जरिए लाठियां बरसाईं।

​अमरीक सिंह ने आगे कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि जब मजदूरों ने पुलिसिया दमन के विरोध में सड़कों पर उतरकर अपना रोष जाहिर किया, तो सरकार ने उनकी जायज मांगों पर विचार करने के बजाय तानाशाही रवैया अपनाते हुए 300 मजदूरों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया और 100 अन्य मजदूरों को अवैध तरीके से हिरासत में ले लिया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन (IREF) और फ्रंट अगेंस्ट एनपीएस इन रेलवे इस ‘डबल इंजन’ सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों और पुलिसिया कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करती है।

​यूनियन ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को चेतावनी देते हुए मांग की है कि जेल में बंद सभी मजदूरों को अविलंब और बिना शर्त रिहा किया जाए तथा उनके ऊपर लगाए गए तमाम झूठे मुकदमे वापस लिए जाएं। आरसीएफ एम्पलाइज यूनियन पूरी तरह से नोएडा के इन संघर्षरत साथियों के साथ खड़ी है और उनके हर संघर्ष का पुरजोर समर्थन करती है। अमरीक सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने जल्द ही अपना दमनकारी रवैया नहीं बदला और मजदूरों की मांगों का समाधान नहीं किया, तो रेलवे कर्मचारी चुप नहीं बैठेंगे और इस आंदोलन को देशव्यापी स्तर पर ले जाने के लिए बाध्य होंगे।

​जारीकर्ता:

प्रेस सचिव

अरविंद कुमार साह

आरसीएफ एम्पलाइज यूनियन, कपूरथला (संबद्ध: इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन)

 

 

 

 

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