पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मानसा में मारे गए नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर झोटा के मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपने का एलान किया है। यह फैसला परिवार की मांग पर लिया गया है।मुख्यमंत्री मान ने कहा कि वे नशे के खिलाफ लड़ रहे परविंदर सिंह झोटा के पिता और उनके परिवार के साथ हैं। उन्होंने परिवार की मांग को स्वीकार किया है। मान ने जोर देकर कहा कि नशे के सौदागरों के खिलाफ उनकी लड़ाई आर-पार की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब को नशा-मुक्त करने के लिए सरकार सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज पंजाब आ रहे हैं। वे बटाला, संगरूर और मानसा में नशा पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे। शाह के दाैरे से कुछ घंटे पहले केस को सीबीआई को साैंपने का एलान किया गया है।एक दिन पहले अकाली सांसद हरसिमरत कौर बादल ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिख झोटा की हत्या की सीबीआई जांच की मांग की थी। वहीं सांसद ने गृह मंत्री से अनुरोध किया था कि जांच को केवल झोटा हत्याकांड तक सीमित न रखा जाए। उन्होंने सुनाम के मोहनजीत सिंह और गुलजार सिंह की आत्महत्या के मामलों का भी उल्लेख किया। मोहनजीत सिंह को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में नशे के विरोध के बाद प्रताड़ना मिली थी। बादल ने इन मामलों सहित नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों से जुड़े अन्य मामलों की भी व्यापक जांच की मांग की।









