मुंबई । अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गुरुवार को रुपए में बड़ी गिरावट देखने को मिली और यह 95 के स्तर के नीचे फिसल गया। इसकी वजह अमेरिका–ईरान संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को माना जा रहा है। इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज (आईसीई) पर डॉलर के मुकाबले रुपया 94.82 पर खुला। इससे बाद शुरुआती कारोबार में ही डॉलर के मुकाबले रुपए में कमजोरी देखने को मिली और यह सुबह 11:15 पर 0.50 प्रतिशत गिरकर 95.29 के स्तर पर पहुंच गया। वैश्विक अस्थिरता और फिर ईरान–अमेरिका युद्ध के कारण डॉलर के मुकाबले रुपए में लगातार गिरावट देखी जा रही है। इस साल की शुरुआत से अब तक अमेरिका मुद्रा के मुकाबले भारतीय मुद्रा 5.93 प्रतिशत गिर चुकी है।डॉलर के मुकाबले रुपए में कमजोरी की एक वजह अमेरिकी फेड के फैसले को भी माना जा रहा है, जिसमें ब्याज दरों को 3.5 प्रतिशत से लेकर 3.75 प्रतिशत के बीच स्थिर रखा गया है। साथ ही, कहा कि मध्य पूर्व में तनाव के चलते महंगाई में इजाफा हो रहा है। इससे डॉलर मजबूत हुआ है।अमेरिका–ईरान में तनाव बढ़ने की संभावना के चलते कच्चे तेल की कीमत चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का दाम 6 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 125 डॉलर प्रति बैरल से अधिक और डब्ल्यूटीआई क्रूड का दाम 3 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल हो गया है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि परमाणु समझौते पर पहुंचने तक वह ईरान के बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाएंगे, जबकि ईरानी अधिकारियों ने पीछे हटने का कोई संकेत नहीं दिया है।इसके अलावा, रुपए में गिरावट और कच्चे तेल में तेजी के चलते भारतीय शेयर बाजार भी लाल निशान में थे और सेंसेक्स एवं निफ्टी में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट थी।













