वाशिंगटन
ईरान से चल रही जंग के बीच अमरीका को अपने साथियों ने ही अकेला छोड़ दिया है। पश्चिमी देशों ने साफ कहा है कि यह युद्ध उनका नहीं है और कई देशों ने तो ईरान पर अमरीकी और इजरायली हमलों की खुलकर निंदा भी की है। इससे अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पारा सातवें आसमान पर है। ट्रंप ने बीते कुछ दिनों से नाटो देशों को खूब सुनाया है। अब उनका गुस्सा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर फूटा है। अमरीकी राष्ट्रपति ने हालिया युद्ध, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और पोप लियो के बचाव से जुड़े बयानों को लेकर मेलोनी पर तीखा हमला बोला है। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने मेलोनी के रुख पर हैरानी और निराशा जताई। उन्होंने कहा कि मैं उनसे हैरान हूं। मुझे लगा था कि उनमें हिम्मत है। मैं गलत था। उन्होंने कहा कि वह वैसी बिलकुल नहीं हैं जैसा उन्होंने सोचा था। उन्होंने कहा कि मेलोनी ने ईरान के खिलाफ जंग में अमरीका का साथ नहीं दिया और हिम्मत नहीं दिखाई।ऐसे में शांति की बात करना बेकार है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर ईरान को परमाणु हथियार मिल जाता है, तो वह इटली को दो मिनट में तबाह कर सकता है। उनके मुताबिक, इस खतरे को समझे बिना शांति की बात करना सही नहीं है। ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि उन्हें दुनिया में सबसे ज्यादा ऊर्जा की कीमतें चुकानी पड़ती हैं, फिर भी वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लिए लडऩे को तैयार नहीं हैं। इसे खुला रखने के लिए वे डोनाल्ड ट्रंप पर निर्भर हैं। ट्रंप ने इटली की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जॉर्जिया मेलोनी युद्ध में हमारी मदद नहीं करना चाहतीं, मैं हैरान हूं। क्या लोगों को यह बात पसंद आती है कि उनकी प्रधानमंत्री तेल हासिल करने के लिए कुछ भी नहीं कर रही हैं?












