कपूरथला, 23.10.2026: रेल कोच फैक्ट्री , कपूरथला ने अपनी महिला हॉकी खिलाड़ियों सुश्री लालरेम्सियामी और सुश्री ललथांतलुआंगी के आज आर सी एफ पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत एवं सम्मान किया। दोनों खिलाड़ियों ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित 2026 एशियाई खेलों में भारतीय महिला हॉकी टीम की ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दोनों खिलाड़ी पूर्वोत्तर भारत के मिजोरम राज्य से संबंध रखती हैं और मिजोरम से पंजाब तक का उनका यह सफर भारत की सांस्कृतिक एकता और विविधता में एकता का सुंदर उदाहरण है।
भारतीय महिला हॉकी टीम ने फाइनल मुकाबले में चीन को 1–0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इससे पहले टीम ने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 2–0 से पराजित कर फाइनल में प्रवेश किया था। इस शानदार जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियाई खेलों में 44 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद स्वर्ण पदक जीतने का गौरव हासिल किया। भारत ने इससे पहले वर्ष 1982 में यह खिताब जीता था। इस जीत के साथ भारत ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक खेलों के लिए सीधे क्वालीफाई भी कर लिया।
भारतीय टीम की फॉरवर्ड खिलाड़ी सुश्री लालरेम्सियामी और डिफेंडर सुश्री ललथांतलुआंगी इस ऐतिहासिक अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहीं। उनकी उत्कृष्ट खेल प्रतिभा, समर्पण और प्रतिबद्धता ने आरसीएफ कपूरथला तथा भारतीय रेल को गौरवान्वित किया है।
श्री अजय नंदन, महाप्रबंधक, आरसीएफ ने दोनों खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर श्रीमती नविता नंदन, अध्यक्षा, आरसीएफ महिला कल्याण संगठन; श्री के. एस. असला, अध्यक्ष, आरसीएफ स्पोर्ट्स एसोसिएशन; एसोसिएशन के सदस्य, अधिकारी, कर्मचारी, यूनियनों एवं विभिन्न एसोसिएशनों के प्रतिनिधि, विभिन्न खेलों के खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक तथा बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित थे।
दोनों खिलाड़ियों का महाराजा रणजीत सिंह स्टेडियम में आरसीएफ के वर्तमान एवं पूर्व खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इसके बाद एक भव्य रोड शो के माध्यम से उन्हें एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम तक लाया गया। रोड शो पूरे आरसीएफ टाउनशिप से होकर गुजरा, जिसमें खेल प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में आयोजित सम्मान समारोह में दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धियों का अभिनंदन किया गया।
दोनों खिलाड़ियों की यह उपलब्धि आरसीएफ कपूरथला के लिए गर्व और गौरव का विषय है। मिजोरम और पंजाब के बीच उनकी यात्रा भारत की सांस्कृतिक विविधता, आपसी सद्भाव और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। उनकी उपलब्धि विशेष रूप से युवा खिलाड़ियों और महिला खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित करेगी।








