कोलकाता। महासप्तमी के पावन पर्व पर पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक हृदयविदारक हादसा पेश आया। महात्मा गांधी रोड स्थित 91 साल पुराने प्रसिद्ध ‘चोरबागान’ दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम तेज बारिश के दौरान मची भीषण भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 13 महिलाएं और दो मासूम बच्चे शामिल हैं। हादसे में 25 से अधिक श्रद्धालु घायल हुए हैं, जबकि कलकत्ता मेडिकल कॉलेज के सूत्रों ने 20 मौतों और 45 से अधिक लोगों के घायल होने की आशंका जताई है। हादसे के तुरंत बाद चोरबागान सहित शहर के कई अन्य संवेदनशील पूजा पंडालों में दर्शनार्थियों का प्रवेश रोककर उन्हें बंद करा दिया गया है। बंगाल सरकार ने परिजनों की सहायता के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 18003455678 जारी किया है। सिलसिलेवार घटनाक्रम: 7 बजे से रात 9 बजे तक क्या–क्या हुआ
शाम 7:00 बजे (भव्य सजावट): महात्मा गांधी रोड पर स्थित चोरबागान पंडाल को इस बार ‘एरिब थीम’ पर तैयार किया गया था, जिसे जाने-माने कलाकार सुशांत शिबानी पॉल ने सजाया था। महासप्तमी की शाम माँ के दर्शन के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु कतारों में खड़े थे।
शाम 7:40 बजे (बारिश और अनियंत्रित भीड़): अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए अंदर मौजूद लोग बाहर नहीं निकले, जबकि बाहर खुले में खड़े हजारों लोग एक साथ भीतर घुसने लगे। पंडाल में सीमित प्रवेश की व्यवस्था चरमरा गई और भारी दबाव के चलते लकड़ी के ढांचे का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया, जिससे भगदड़ मच गई।
रात 8:00 बजे (एक-दूसरे पर गिरे लोग): निकासी और प्रवेश मार्गों पर आमने-सामने से भीड़ टकराने से श्रद्धालु बेकाबू होकर गिरते चले गए। सीढ़ियों और संकरे रास्ते पर सैकड़ों लोग पैरों तले कुचले गए और पंडाल के भीतर बेसुध हालत में बिखर गए।
रात 8:10 बजे (स्थानीय लोगों ने किया रेस्क्यू): भगदड़ के बाद स्थानीय निवासियों और स्वयंसेवकों ने मोर्चा संभाला। पर्याप्त स्ट्रेचर न होने के कारण लोगों ने घायलों को हाथों, चादरों और कंधों पर उठाकर गाड़ियों तक पहुंचाया और अस्पताल रवाना किया।
रात 8:30 बजे (अस्पताल में कोहराम): कलकत्ता मेडिकल कॉलेज में घायलों और हताहतों का तांता लग गया। मॉर्चुरी में 18 से अधिक शव पहुंचे, जिनमें अधिकांश महिलाएं और दो बच्चे शामिल थे।
रात 9:00 बजे (प्रशासनिक एक्शन): मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने तुरंत अस्पताल पहुंचकर वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ आपातकालीन समीक्षा बैठक की।
चप्पलें, पर्स और बिखरा सामान; बिजली बंद कर पंडाल सील
भगदड़ के बाद का मंजर रोंगटे खड़े कर देने वाला नजर आया। पंडाल के भीतर चारों तरफ जूते-चप्पल, टूटे हुए फ्रेम, पानी की बोतलें, महिलाओं के पर्स और झोले बिखरे पड़े थे। सुरक्षा कारणों और अफरातफरी को रोकने के लिए प्रशासन ने पंडाल की बिजली आपूर्ति तुरंत बंद कर दी और पूरे परिसर को सील कर दिया। गौरतलब है कि इस बार कोलकाता में दुर्गा पूजा के करीब 3,500 पंडाल स्थापित किए गए हैं, जहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अब अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
पूजा समिति के पदाधिकारी व गार्ड हिरासत में
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। पंडाल से जुड़े पदाधिकारियों, निजी सुरक्षाकर्मियों और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। उल्लेखनीय है कि इस 91 वर्ष पुरानी पूजा आयोजन समिति के अध्यक्ष जोड़ासांको से भाजपा विधायक विजय ओझा हैं, जबकि उत्तर कोलकाता जिला भाजपा अध्यक्ष तमोघ्न घोष और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के भतीजे देवदीप अधिकारी भी इस समिति से जुड़े हुए हैं। पूरे मामले की तकनीकी खामियों और प्रशासनिक लापरवाही की उच्चस्तरीय जांच की जा रही है।









