10 अप्रैल को अटारी से पाकिस्तान के लिए जत्था होगा रवाना
नई दिल्ली 7 अप्रैल, 2026
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका ने आज यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बैसाखी के पावन अवसर पर पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन के लिए जाने वाले सभी श्रद्धालुओं और आवेदकों को दिल से बधाई दी।
उन्होंने कहा कि जिन श्रद्धालुओं ने अपनी अरदासों के सफल होने की आशा के साथ समय पर अपने पासपोर्ट दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पास जमा करवाए थे, उनमें से जिनके वीज़ा लग गए हैं, उन श्रद्धालुओं के पासपोर्ट आज सौंप दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि विश्व स्तर पर तनावपूर्ण माहौल के बावजूद भी दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए श्रद्धालुओं की यात्रा को सुचारू बनाने के लिए पूरा प्रयास किया। देशभर से लगभग 2840 श्रद्धालुओं को वीज़ा जारी किए गए हैं, जबकि लगभग 100 ऐसे मामले सामने आए जिनमें पासपोर्ट संबंधी तकनीकी कठिनाइयों के कारण वीज़ा जारी नहीं हो सके।
उन्होंने आगे जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से कुल 451 आवेदकों के वीज़ा के लिए आवेदन भेजे गए थे, जिनमें से 409 श्रद्धालुओं को वीज़ा प्राप्त हो चुके हैं। यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी आध्यात्मिक उपलब्धि है, क्योंकि गुरुद्वारा ननकाना साहिब, गुरुद्वारा पंजा साहिब, गुरुद्वारा डेरा साहिब और गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर साहिब जैसे पवित्र स्थलों के दर्शन हर सिख की जीवनभर की अरदास होती है।
उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की विशेष कृपा से ही संगतों को यह शुभ अवसर प्राप्त होता है।
हरमीत सिंह कालका ने इस अवसर पर केंद्र सरकार का भी विशेष धन्यवाद किया, जिसने सिख कौम की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए वीज़ा प्रक्रिया को सहयोगपूर्वक आगे बढ़ाया।
उन्होंने सभी संगतों को बधाई देते हुए बताया कि 10 अप्रैल,2026 को अटारी से श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान के लिए रवाना होगा, जहां वे बैसाखी के पावन अवसर पर ऐतिहासिक गुरुधामों में नतमस्तक होंगे।











